
Indian Army Strength: भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद अपने ढांचे और सैन्य क्षमताओं में बड़े स्तर पर बदलाव करते हुए खुद को और अधिक आधुनिक और मजबूत बनाया है। बीते एक वर्ष में सेना को लाखों की संख्या में आधुनिक हथियार और नई तकनीक से लैस उपकरण दिए गए हैं, जिससे उसकी युद्ध क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
जानकारी के अनुसार, सेना में 5 लाख से अधिक आधुनिक हथियार और 2 लाख से ज्यादा नई पीढ़ी के उपकरण शामिल किए गए हैं। इसके साथ ही करीब 50 नई मिशन-रेडी यूनिट्स तैयार की गई हैं, जो किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई करने में सक्षम होंगी। सेना ने तेज़ और सटीक कार्रवाई के लिए 4 नई एजाइल फॉर्मेशन भी विकसित की हैं।
आधुनिक युद्ध की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सेना ने ड्रोन और सटीक हमले करने वाली तकनीकों पर विशेष जोर दिया है। लंबी दूरी तक निगरानी और हमला करने में सक्षम लोइटरिंग म्यूनिशन, कामीकाज़े ड्रोन और लेजर-गाइडेड रॉकेट को शामिल किया गया है। इसके अलावा बड़ी संख्या में निगरानी ड्रोन भी तैनात किए गए हैं, जिससे सीमावर्ती इलाकों में रियल-टाइम जानकारी मिल सके।
हवाई सुरक्षा को मजबूत करने के लिए सेना ने वेरी शॉर्ट रेंज एयर डिफेंस सिस्टम (VSHORADS) और काउंटर-ड्रोन तकनीक को शामिल किया है। वहीं, फायरपावर बढ़ाने के लिए अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर और स्वदेशी तोप प्रणालियों को भी शामिल किया गया है, जिससे लंबी दूरी तक सटीक हमले की क्षमता बढ़ी है।
सैनिकों की सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। आधुनिक असॉल्ट राइफल, उन्नत बुलेटप्रूफ जैकेट और बैलिस्टिक हेलमेट से सैनिकों की सुरक्षा और मारक क्षमता दोनों में सुधार हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव सिर्फ हथियारों तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य के तकनीक आधारित युद्ध के लिए सेना की रणनीति को भी मजबूत करता है।
Written By: Kalpana Pandey



