Uploaded by Akash Tripathi
रंगदारी से लेकर लूट व डकैती और हत्या जैसे वारदात को अंजाम देने वाले दो लाख रुपये के इनामी कुख्यात सुपारी किलर को प्रयागराज एसटीएफ से हुई मुठभेड़ में दम तोड़ दिया। दूसरों की लान का सौदा करने वाले इस बदमाश का नाम भानु प्रताप सिंह उर्फ बबलू बताया गया। अपराध की दुनिया में बदनाम यह नाम आम लोगों के बीच रौब और खौफ का दूसरा नाम बन चुका था। पैसों के लिए किसी की जान लेना उसकी पेशा और शौक बन चुका था। उसके अपराध की जड़ें सिर्फ अयोध्या तक ही नहीं सीमित रहीं। वह धीरे-धीरे कई जनपदों अपने खूनी पंजों को मजबूत कर चुका था। गैर जनपदों में भी घटनाओं को अंजाम देकर सिर्फ आम लोगों के जेहन में भय तो पुलिस के लिए परेशानी का सबब बन चुका था। उसके ऊपर आजमगढ़ से एक लाख रुपये तो अम्बेडकर नगर से पचास हजार और गोरखपुर से डेढ़ लाख रुपये का इनाम पुलिस घोषित करा चुकी थी। फिर भी वह पुलिस को चकमा देकर अयोध्या में किसी किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की साजिश रच चुका था। गनीमत रही कि इस बात की भनक एसटीएफ प्रयागराज को गई। अयोध्या के महराजगंज इलाके के एमी घाट रोड जंगल में उसका आमना सामाना एसटीएफ के जवानों से हुई तो मुठभेड़ में लगी गोली से वह हॉस्पिटल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। पुलिस रेकार्ड में विभिन्न जनपदों के अंदर उसके ऊपर 41 आपराधिक मुकदमें दर्ज हैं।

कुल दो लाख रुपये का था ईनाम
मुठभेड़ में इलाज के दौरान दम तोड़ने वाला शातिर बदमाश भानु प्रताप सिंह उर्फ बबलू गोरखपुर जनपद के थाना बेलाघाट एरिया स्थित बिधनापार गांव निवासी मान सिंह का बेटा था। पुलिस उपाधीक्षक शैलेश प्रताप सिंह के मुताबिक अभियुक्त बबलू की तलाश में कई जनपदों की पुलिस को शिद्दत से थी। वह आजमगढ़ और अम्बेडकर नगर एवं गोरखुपर से वांक्षित चल रहा था। उसके बारे में प्रयागराज कमिश्ररेट की पुलिस भी सूचना संकलन में लगी हुई थी। इस काम में एसटीएफ प्रयागराज के निरीक्षक जय प्रकाश राय के नेतृत्व में टीम लगाई गई थी। इसी सूचना संकलन के द्वारा निरीक्षक जेपी राय को खबर मिली कि बबलू अपने साथियों के साथ अयोध्या में किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की साजिश रच रहा है। यह खबर पाते ही टीम के साथ वह उसकी तलाश में अयोध्या पहुंच गए। सात जून की रात करीब 11 बजे वह टीम के साथ एमी घाट तिराहा से ताराुपर जाने वाली रोड पर चेकिंग लगा दिए। वाहनों की चेकिंग टीम कर ही रही थी कि एक बाइक से दो शख्स रसूलाबाद की तरफ से आते हुए दिखाई दिए। जवानों को देखकर शातिर बदमाश बाइक लेकर बहद ग्राम के जंगल की तरफ भागने लगे। टीम को शक हुआ पीछा की तो बदमाशों ने एसटीएफ के जवानों पर फायर झोंक दिया। जंगल की भौगोलिक स्थितियों का फायदा उठाकर जवानों पर फायरिंग करते हुए दोनों भागने लगे। एसटीएफ के जवानों द्वारा की गई जवाबी फायरिंग देखकर बदमाश जंगल के ऊबड़खाड़ रास्तों में बाइक लेकर भहरा पड़े। जंगल में गिरने के बाद भी शातिर फायरिंग करते हुए भागने रहे। इस मुठभेड़ में एसटीएफ की गोली लगने से एक बदमाश जमीन पर गिरकर तड़पने लगा। उसे घायल देखकर साथी बदमाश मौके का फायदा उठाते हुए भाग निकला। फौरन घायल बदमाश कों इलाज के लिए मानवीय संवेदना दिखाते हुए एसटीएफ के जवान पास के सीएचसी बाजार हॉस्पिटल ले गए। प्राथमिक उपचार बाद हालत सीरियस देखकर डॉक्टरो ने उसे राजर्षि दशरथ स्वायत्त राज्य चिकित्सा महाविद्यालय मेडिकल कॉलेज अयोध्या रेफर कर दिया। टीम उसे लेकर रेफर किए गए हॉस्पिटल पहुंची। जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।

बुलेटप्रूफ जैकेट ने बचाई जेपी की जान
मुठभेड़ में शामिल जवानों की मानें तो कुख्यात बदमाश की फायरिंग से दो गोली निरीक्षक जय प्रकाश राय के लगी। शुक्र रहा कि वह बुलेटप्रूफ जैकेट पहन रखे थे। इसी जैकेट की वजह से दोनों गोलियां उनके शरीर को नहीं छू सकीं, वर्ना बदमाश की गोली से आज उनकी भी जान चली गई होती। इतना ही नहीं उप निरीक्षक रणेंद्र कुमार सिंह, मुख्य आरक्षी विकास तिवारी, अजय कुमार यादव, प्रभंजन पांडेय व अजय सिंह यादव भी इस मुठभेड़ में बाल-बाल बच गए।
शुक्र था कि बैग में थी स्टेटगन
एसटीएफ के जवानों की मानें शातिर बदमाश जब खुद को घिरा हुआ देखा तो चलती बाइक पर बैग से स्टेटगन निकालने की कोशि करने लगा। जब इस आधुनिक वेपंस को निकाला ही था कि बाइक लेकर गिर पड़ा। जवानों का कहना है कि यदि वे इस आटोमेटिक गन को दाग पाया होता तो मुठभेड़ कई जवान शहीद हो जाते। ईश्वर की कृपा रही कि वह गन चलाता इसके पहले टीम के जवानों की गोली उसे बदन में जा धंसी और वह गिर पड़ा। डर के मारे उसका साथी बाइक और उसे व अन्य सामान फेककर भाग निकला।
बरामद हुआ असले व कारतूस
01 पिस्टल मैग्जीन के साथ।
02 जिंदा कारतूस 32 बोर।
03 कारतूस 32 बोर के खोखे।
01 स्टेनगन मय मैग्जीन।
07 जिंदा कारतूस 09 एमएम।
05 कारतूस का खोखा 09 एमएम।
01 बैग ढेर किए गए अभियुक्ता का।
01 सुपर स्प्लेंडर मोटर साइकिल।
शीर्ष अफसरों के निर्देश कुख्यात बदमाश की तलाश में टीम के साथ अयोध्या गया था। वहां चेकिंग के दौरान मुठभेड़ में गोली लगने से घायल होकर एक बदमाश गिर पड़ा। उसका साथी अंधेरे का लाभ लेकर भाग गया। इलाज के दौरान घायल बदमाश की मौत हो गई है। उसकी पहचान भानु प्रताप सिंह उर्फ बबलू के रूप में हुई है।
जय प्रकाश राय, निरीक्षक एसटीएफ
रिपोर्ट : मुकेश चतुर्वेदी


