UP News : उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव से पहले ग्राम प्रधानों की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। प्रशासक बनाए जाने के बाद अब प्रदेश के ग्राम प्रधानों को सड़क सुरक्षा अभियान से जोड़ते हुए परिवहन विभाग ने नई जिम्मेदारी सौंपी है। विभाग ने उन्हें ‘सड़क सुरक्षा अग्रदूत’ के रूप में कार्य करने का दायित्व दिया है, ताकि गांवों में सड़क दुर्घटनाओं को कम किया जा सके और यातायात नियमों के प्रति लोगों को जागरूक बनाया जा सके।
परिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन ने प्रदेश के सभी ग्राम प्रधानों को पत्र जारी कर इस अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की है। विभाग के अनुसार प्रदेश में होने वाली लगभग 70 प्रतिशत सड़क दुर्घटनाएं लापरवाही और यातायात नियमों के उल्लंघन के कारण होती हैं। ऐसे में ग्राम प्रधानों के सहयोग से सड़क सुरक्षा को जनआंदोलन का रूप दिया जा सकता है।
अच्छा प्रदर्शन करने वाले प्रधान होंगे सम्मानित
परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन ग्राम पंचायतों में प्रधानों के प्रयासों से सड़क हादसों में कमी आएगी और लोग यातायात नियमों का पालन करने लगेंगे, उन ग्राम प्रधानों को जिला स्तरीय कार्यक्रमों में सम्मानित किया जाएगा। उन्हें ‘सड़क सुरक्षा अग्रदूत’ की उपाधि देकर विशेष पहचान भी दी जाएगी।
ग्रामीणों को यातायात नियमों के प्रति करेंगे जागरूक
विभाग का मानना है कि ग्राम प्रधान गांव के लोगों के बीच सबसे प्रभावी जनप्रतिनिधि होते हैं। इसलिए वे लोगों को सुरक्षित यातायात के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। प्रधानों से अपेक्षा की गई है कि वे ग्रामीणों को हेलमेट, सीट बेल्ट और अन्य सुरक्षा नियमों के पालन के लिए प्रेरित करें।
गांव स्तर पर इन बातों पर रहेगा विशेष जोर
- दोपहिया वाहन चालक बिना हेलमेट के सड़क पर न निकलें।
- गांव में आने-जाने वाले बिना हेलमेट चालकों को जागरूक किया जाए।
- चारपहिया वाहन चालकों को सीट बेल्ट लगाने के लिए प्रेरित किया जाए।
- ट्रैक्टर-ट्रॉली का उपयोग केवल कृषि कार्य और कृषि सामग्री ढुलाई के लिए किया जाए।
- ट्रैक्टर-ट्रॉली में यात्रियों के परिवहन पर रोक सुनिश्चित की जाए।
अलीगढ़ के दो प्रधानों को मिलेगा नदी पुनर्जीवन का प्रशिक्षण
इधर, अलीगढ़ जिले के दो ग्राम प्रधानों को नदियों के संरक्षण और पुनर्जीवन से जुड़े विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर मिला है। राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के तहत आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में ग्राम पंचायत सिकंदरपुर की प्रधान कल्पना सिंह और ग्राम पंचायत तलेसरा के प्रधान गजेंद्र चौधरी को नामित किया गया है।
यह प्रशिक्षण 11 से 13 जून 2026 तक दिल्ली स्थित यमुना जैव विविधता पार्क में आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम में नदी पुनर्जीवन, जैव विविधता संरक्षण, सीवेज प्रबंधन और बाढ़ प्रबंधन जैसे विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे ग्राम पंचायत स्तर पर पर्यावरण संरक्षण और जल संसाधन प्रबंधन को मजबूती मिलने की उम्मीद है।



