
Fighter Combat Leader : भारतीय वायुसेना (IAF) में महिलाओं ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम की है। Bhawana Kanth देश की पहली महिला पायलट बन गई हैं, जिन्होंने फाइटर कॉम्बैट लीडर (FCL) कोर्स सफलतापूर्वक पूरा किया है। ग्वालियर स्थित Tactics and Air Combat Development Establishment (TACDE) में आयोजित इस प्रतिष्ठित कोर्स को पूरा करने के बाद उन्हें भारतीय वायुसेना की पहली महिला “टॉप गन” पायलट का गौरव प्राप्त हुआ है।
करीब 20 सप्ताह तक चलने वाले इस कठिन प्रशिक्षण कार्यक्रम में भारतीय वायुसेना के चुनिंदा पायलटों को ही शामिल किया जाता है। इसमें उन्नत हवाई युद्ध रणनीतियों, मिशन प्लानिंग, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और आधुनिक युद्ध कौशल का गहन प्रशिक्षण दिया जाता है।
क्यों खास है FCL कोर्स?
फाइटर कॉम्बैट लीडर (FCL) कोर्स की तुलना अक्सर अमेरिकी नौसेना के प्रसिद्ध Top Gun कार्यक्रम से की जाती है। भारतीय वायुसेना के बेहद कम, लगभग एक प्रतिशत, फाइटर पायलटों को ही इस प्रतिष्ठित प्रशिक्षण के लिए चुना जाता है।
इस कोर्स के बाद पायलट ऑपरेशनल प्लानिंग, हवाई युद्ध रणनीति तैयार करने, हथियारों के प्रभावी इस्तेमाल और फ्रंटलाइन मिशनों के नेतृत्व में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
2016 में बनी थीं पहली महिला फाइटर पायलटों में शामिल
स्क्वाड्रन लीडर भावना कंठ ने जून 2016 में भी इतिहास रचा था, जब उन्हें Avani Chaturvedi, Mohana Singh के साथ भारतीय वायुसेना की पहली तीन महिला फाइटर पायलटों में शामिल किया गया था।
यह भारतीय सैन्य इतिहास में महिलाओं की भागीदारी के लिए एक बड़ा बदलाव माना गया था।
MiG-21 से लेकर Su-30MKI तक का सफर
मई 2019 में भावना कंठ MiG-21 Bison पर दिन के समय वास्तविक कॉम्बैट मिशन उड़ाने की अनुमति पाने वाली भारत की पहली महिला फाइटर पायलट बनी थीं।
इसके बाद उन्होंने भारतीय वायुसेना के अत्याधुनिक Sukhoi Su-30MKI लड़ाकू विमान का संचालन भी शुरू किया।
महिलाओं के लिए बनी प्रेरणा
भावना कंठ की यह उपलब्धि भारतीय सशस्त्र बलों में महिलाओं की बढ़ती भूमिका का मजबूत उदाहरण है। उनकी सफलता उन युवतियों के लिए प्रेरणा है जो भारतीय वायुसेना और लड़ाकू विमानन के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहती हैं।



