Ketan Agarwal Murder Case: केतन अग्रवाल हत्याकांड! ट्रेन से सफर, वरमाला की फोटो और चैट… क्या सिया-चेतन ने पहले ही कर ली थी गुपचुप शादी?

पुणे पुलिस की चार्जशीट में सिया गोयल और चेतन चौधरी के रिश्ते से जुड़े कई डिजिटल सबूतों का जिक्र है। पुलिस जांच में खाटू श्याम यात्रा और वरमाला वाली तस्वीर अहम कड़ी बनी है।

Ketan Agarwal Murder Case: पुणे के केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में एक ऐसा एंगल सामने आया है, जिसने पूरे मामले को और पेचीदा बना दिया है। पुलिस की जांच और चार्जशीट में सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी के रिश्ते से जुड़े कई डिजिटल साक्ष्यों का जिक्र किया गया है। जांच के दौरान एक वरमाला वाली तस्वीर, मोबाइल चैट और राजस्थान की यात्रा से जुड़े सबूत सामने आने के बाद पुलिस ने इस बात की पड़ताल की कि क्या दोनों ने केतन की हत्या से पहले ही खाटू श्याम में गुपचुप तरीके से शादी कर ली थी।

हालांकि, पुलिस की राजस्थान में की गई जांच के दौरान मंदिर परिसर से शादी का कोई आधिकारिक रिकॉर्ड या ऐसा सीसीटीवी फुटेज नहीं मिला, जिससे विवाह की स्वतंत्र रूप से पुष्टि हो सके। ऐसे में यह पहलू फिलहाल जांच में सामने आए साक्ष्यों और पुलिस के दावे के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।

मोबाइल में मिली वरमाला वाली तस्वीर

जांच के दौरान पुलिस को सिया और चेतन के मोबाइल फोन से कई अहम डिजिटल साक्ष्य मिलने की बात सामने आई है। इनमें एक तस्वीर ऐसी भी बताई गई है, जिसमें दोनों एक-दूसरे के गले में वरमाला पहने नजर आ रहे हैं।

पुलिस ने इस तस्वीर को जांच में महत्वपूर्ण माना है। बताया गया है कि इसे चार्जशीट में भी शामिल किया गया है। तस्वीर के सामने आने के बाद जांचकर्ताओं ने यह पता लगाने की कोशिश की कि यह तस्वीर कहां और किस परिस्थिति में ली गई थी और क्या यह किसी वास्तविक विवाह समारोह का हिस्सा थी।

पुलिस ने इसी सिलसिले में राजस्थान के खाटू श्याम क्षेत्र में भी जांच की। हालांकि, मंदिर परिसर से ऐसा कोई आधिकारिक दस्तावेज नहीं मिला, जो कथित शादी की पुष्टि कर सके। इसलिए वरमाला वाली तस्वीर मामले में एक डिजिटल कड़ी जरूर है, लेकिन अकेले इसके आधार पर विवाह की कानूनी स्थिति तय नहीं होती।

अक्टूबर में शुरू हुई थी दोनों की नजदीकी

पुलिस की जांच के मुताबिक सिया और चेतन की नजदीकियां अक्टूबर 2025 के आसपास बढ़ी थीं। दोनों के बीच प्रेम संबंध होने की बात जांच में सामने आई। रिपोर्ट के अनुसार, दोनों के परिवार इस रिश्ते के पक्ष में नहीं थे।

इसी दौरान दिसंबर 2025 में दोनों के राजस्थान जाने की बात सामने आई। बताया गया कि सिया और चेतन ने अपने कुछ दोस्तों के साथ राजस्थान जाने का प्लान बनाया था। शुरुआत में फ्लाइट से जाने की योजना थी, लेकिन उड़ान रद्द होने के बाद दोनों ने ट्रेन से यात्रा की।

पुलिस ने इस यात्रा से जुड़े डिजिटल और अन्य साक्ष्यों की भी जांच की। राजस्थान यात्रा को इसलिए महत्वपूर्ण माना गया क्योंकि इसी दौरान खाटू श्याम जाने और कथित विवाह से जुड़ी कड़ियों की पड़ताल की गई।

दूसरी तरफ तय हो रही थी सिया की शादी

जांच के अनुसार, सिया और चेतन के रिश्ते के बीच सिया के परिवार की ओर से उसके विवाह की तैयारी भी चल रही थी। इसी क्रम में सिया की शादी केतन अग्रवाल से तय हुई थी।

19 फरवरी 2026 को सिया और केतन की सगाई हुई थी। दोनों की शादी राजस्थान के उदयपुर में नवंबर 2026 में होने की योजना बताई गई थी।

पुलिस के मुताबिक इसी दौरान सिया और चेतन के रिश्ते को लेकर स्थिति और तनावपूर्ण होती गई। जांच एजेंसी का आरोप है कि दोनों ने केतन को रास्ते से हटाने की योजना बनाई और इसके बाद हत्या को अंजाम दिया गया।

हत्या की साजिश तक कैसे पहुंची जांच?

केतन अग्रवाल की हत्या की जांच आगे बढ़ने के साथ पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन, चैट और यात्रा से जुड़े रिकॉर्ड खंगाले। इन्हीं डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने सिया और चेतन के रिश्ते तथा कथित साजिश की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास किया।

जांच में सामने आए साक्ष्यों के अनुसार, पुलिस का आरोप है कि केतन की हत्या अचानक लिया गया फैसला नहीं था, बल्कि इसके पीछे पहले से योजना थी। चार्जशीट में कथित तौर पर दोनों के बीच हुई बातचीत और घटनाक्रम से जुड़े डिजिटल सबूतों को भी शामिल किया गया है।

मामले में सबसे ज्यादा चर्चा उस वरमाला वाली तस्वीर को लेकर है, जिसने कथित गुपचुप शादी के एंगल को जन्म दिया। हालांकि, मंदिर से विवाह का आधिकारिक रिकॉर्ड नहीं मिलने के कारण इस पहलू को लेकर अंतिम निष्कर्ष अदालत की प्रक्रिया और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही सामने आएगा।

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चार्जशीट के बाद अब अदालत में आगे बढ़ेगा मामला

पुलिस द्वारा चार्जशीट दाखिल किए जाने के बाद अब मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया अदालत में चलेगी। जांच में सामने आए डिजिटल साक्ष्य, तस्वीरें, चैट और अन्य रिकॉर्ड को अभियोजन पक्ष किस तरह पेश करता है और अदालत उन्हें किस रूप में स्वीकार करती है, यह आगे की सुनवाई में स्पष्ट होगा।

फिलहाल केतन अग्रवाल हत्याकांड में कथित प्रेम संबंध, सगाई, राजस्थान यात्रा, वरमाला वाली तस्वीर और हत्या की साजिश से जुड़ी कड़ियां जांच का अहम हिस्सा बनी हुई हैं। कथित गुपचुप शादी का सवाल भी इसी जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू है, जिसकी अंतिम पुष्टि कानूनी प्रक्रिया के दौरान ही हो सकेगी।

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