Onion Rate Today: प्याज की कीमतों में नहीं आ रही नरमी, बफर स्टॉक और कांदा एक्सप्रेस भी क्यों बेअसर?

Onion Rate Today: सरकारी प्रयासों के बावजूद कई शहरों में 70 रुपये किलो तक बिक रहा प्याज, राहत का इंतजार जारी।

Onion Rate Today: देशभर में प्याज की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। सरकार की ओर से बफर स्टॉक से प्याज की आपूर्ति बढ़ाई जा रही है और ‘कांदा एक्सप्रेस’ जैसी विशेष ट्रेनों के जरिए विभिन्न शहरों तक माल पहुंचाया जा रहा है। इसके बावजूद खुदरा बाजारों में प्याज की कीमतें कई जगह 70 रुपये प्रति किलो तक बनी हुई हैं।

सप्लाई बढ़ी, लेकिन बाजार में असर सीमित

सरकार ने कीमतों को नियंत्रित करने के लिए अपने बफर स्टॉक से प्याज बाजार में उतारा है। एनसीसीएफ, नेफेड, केंद्रीय भंडार और मोबाइल वैन के माध्यम से उपभोक्ताओं को रियायती दरों पर प्याज उपलब्ध कराया जा रहा है। हालांकि, इन प्रयासों का व्यापक असर खुदरा बाजारों में अभी तक दिखाई नहीं दे रहा है।

थोक और खुदरा कीमतों में बड़ा अंतर

उपभोक्ता मामलों से जुड़े आंकड़ों के अनुसार, देश में प्याज की औसत खुदरा कीमत पिछले वर्ष की तुलना में काफी अधिक बनी हुई है। वहीं थोक बाजारों में भी कीमतों में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। थोक और खुदरा दरों के बीच मौजूद बड़ा अंतर उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ डाल रहा है।

आखिर क्यों महंगा है प्याज?

विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार मानसून की अनियमितता ने प्याज की सप्लाई चेन को प्रभावित किया है। रबी सीजन की फसल का बड़ा हिस्सा भंडारण के दौरान खराब हो गया, जबकि खरीफ फसल की बाजार में आवक अपेक्षा से देर से होने की संभावना है। ऐसे में बाजार में उपलब्ध स्टॉक सीमित रह गया है, जिससे कीमतों पर दबाव बना हुआ है।

कब मिल सकती है राहत?

कृषि क्षेत्र के जानकारों के अनुसार, नई खरीफ फसल की आवक अक्टूबर के अंत या नवंबर से शुरू हो सकती है। यदि मौसम अनुकूल रहा और सप्लाई सामान्य हुई, तो बाजार में प्याज की उपलब्धता बढ़ेगी। इसके बाद कीमतों में कुछ नरमी देखने को मिल सकती है।

आम लोगों की चिंता बरकरार

प्याज भारतीय रसोई का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे में लगातार ऊंचे दाम घरेलू बजट पर सीधा असर डाल रहे हैं। फिलहाल उपभोक्ताओं को राहत के लिए नई फसल की आवक और बाजार में बेहतर सप्लाई का इंतजार करना पड़ सकता है।

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