National News: मालवीय नगर अग्निकांड! होटल मालिक लवकेश बजाज 4 दिन की पुलिस रिमांड पर, जांच में सामने आए चौंकाने वाले खुलासे

21 लोगों की मौत के बाद जांच में बड़ा खुलासा, सिर्फ 6 कमरों की अनुमति के बावजूद 25 कमरे संचालित कर रहा था होटल, फायर NOC भी नहीं थी

National News: दिल्ली के मालवीय नगर में हुए भीषण अग्निकांड के बाद जांच लगातार आगे बढ़ रही है। इस मामले में मुख्य आरोपी और होटल मालिक लवकेश बजाज को साकेत कोर्ट ने 4 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। दिल्ली पुलिस ने कोर्ट से अतिरिक्त समय मांगते हुए कहा कि मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं की जांच अभी बाकी है और आरोपी से गहन पूछताछ जरूरी है।

यह वही हादसा है जिसने पूरे देश को झकझोर दिया था। आग लगने की इस घटना में 21 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग घायल हुए। हादसे के बाद से ही सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हुई और इसके लिए जिम्मेदार कौन है।

कैसे हुआ था मालवीय नगर अग्निकांड?

बुधवार सुबह करीब 8:45 बजे मालवीय नगर स्थित ‘फ्लोरिश स्टे’ होटल और उससे जुड़े रेस्टोरेंट में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया।

होटल में मौजूद कई लोग धुएं और आग के बीच फंस गए। बचाव अभियान के दौरान कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, लेकिन 21 लोगों की जान नहीं बचाई जा सकी। मृतकों में भारतीय नागरिकों के साथ कुछ विदेशी नागरिक भी शामिल बताए गए हैं।

घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और पूरे शहर में इस हादसे को लेकर चर्चा शुरू हो गई।

आरोपी लवकेश बजाज की गिरफ्तारी

हादसे के बाद दिल्ली पुलिस ने होटल मालिक लवकेश बजाज के खिलाफ कार्रवाई शुरू की। उसके खिलाफ पहले ही लुक आउट सर्कुलर (LOC) जारी किया गया था ताकि वह देश छोड़कर भाग न सके।

बुधवार देर रात पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। गुरुवार को उसे साकेत कोर्ट में पेश किया गया, जहां पुलिस ने जांच के लिए रिमांड की मांग की। कोर्ट ने दलीलें सुनने के बाद आरोपी को 4 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया।

अब पुलिस होटल के संचालन, सुरक्षा इंतजामों और दस्तावेजों से जुड़े हर पहलू की जांच करेगी।

जांच में हुआ बड़ा खुलासा: 6 कमरों का लाइसेंस, चल रहे थे 25 कमरे

जांच के दौरान सबसे चौंकाने वाली जानकारी यह सामने आई कि होटल के पास केवल 6 कमरों के संचालन की अनुमति थी।

इसके बावजूद इमारत में कथित तौर पर 25 कमरे चलाए जा रहे थे। यानी होटल क्षमता से कई गुना अधिक कमरों का व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा था।

जांच एजेंसियों का मानना है कि यह सिर्फ नियमों का उल्लंघन नहीं, बल्कि लोगों की सुरक्षा के साथ गंभीर खिलवाड़ भी था।

बिना फायर NOC के चल रहा था होटल

मामले में एक और गंभीर लापरवाही सामने आई है। शुरुआती जांच के अनुसार होटल के पास वैध फायर सेफ्टी NOC (No Objection Certificate) नहीं थी।

दिल्ली फायर सर्विस के अधिकारियों ने भी पुष्टि की है कि भवन में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया था। इसके अलावा ग्राउंड फ्लोर पर जिस रेस्टोरेंट का संचालन हो रहा था, उसके लिए भी आवश्यक अनुमति नहीं होने की बात सामने आई है।

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर सुरक्षा मानकों का पालन किया गया होता तो शायद इतना बड़ा हादसा टाला जा सकता था।

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जांच के घेरे में कई और लोग

पुलिस सिर्फ होटल मालिक की भूमिका की जांच नहीं कर रही है, बल्कि यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या संबंधित विभागों की तरफ से भी कोई लापरवाही हुई थी।

जांच अधिकारी यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि बिना आवश्यक अनुमति और सुरक्षा प्रमाणपत्रों के होटल आखिर इतने लंबे समय तक कैसे संचालित होता रहा।

संभावना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।

Written By: Ekta Verma

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