
Jantar Mantar Protest: दिल्ली के जंतर-मंतर पर सोमवार को हुए CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहीं RAF (रैपिड एक्शन फोर्स) की असिस्टेंट कमांडेंट सोनिया सहरावत गंभीर रूप से घायल हो गईं। प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के दौरान उनका हाथ टूट गया और इलाज के बाद उन्हें दिल्ली से बाहर भेज दिया गया।
इंडिया टीवी से बातचीत में सोनिया सहरावत ने दावा किया कि भीड़ में कुछ असामाजिक तत्व भी शामिल थे, जिन्होंने सुरक्षाबलों पर जूते, चप्पल, पत्थर और बीयर की बोतलें फेंकी। उन्होंने कहा कि इस पूरी घटना में उनकी टीम के करीब 8 जवान भी घायल हुए हैं।
“आंसू गैस नहीं छोड़ी, पहले समझाने की कोशिश की”
सोनिया सहरावत के मुताबिक, RAF की टीम ने शुरुआत में किसी भी तरह का आंसू गैस या बल प्रयोग नहीं किया। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से लगातार अपील की कि वे शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करें और बैरिकेड पार करने की कोशिश न करें।
उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों को साफ बताया गया था कि उन्हें संसद की ओर मार्च करने की अनुमति नहीं दी जा सकती, लेकिन वे जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन जारी रख सकते हैं।
“बैरिकेड तोड़े गए, जवानों से धक्का-मुक्की हुई”
सोनिया का आरोप है कि स्थिति तब बिगड़ी जब कुछ लोगों ने बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की। उनके अनुसार प्रदर्शनकारियों ने जवानों के हेलमेट उतारने की कोशिश की, धक्का-मुक्की की और सुरक्षाबलों को निशाना बनाया।
उन्होंने दावा किया कि कुछ लोगों ने सुरक्षाकर्मियों पर जूते, चप्पल और बीयर की बोतलें फेंकी, जबकि बाद में जवानों ने बताया कि पत्थरबाजी भी हुई।
भगदड़ में महिला प्रदर्शनकारियों को बचाते समय लगी चोट
RAF अधिकारी ने बताया कि भगदड़ के दौरान उन्होंने महिला प्रदर्शनकारियों को सुरक्षित निकालने की कोशिश की। इसी दौरान वह खुद घायल हो गईं और उनका हाथ टूट गया।
उन्होंने कहा कि भीड़ को नियंत्रित करने के दौरान यह पहचानना मुश्किल था कि कौन छात्र है और कौन असामाजिक तत्व। उनके मुताबिक, भीड़ में मौजूद कुछ लोग लगातार उकसाने वाले नारे लगा रहे थे।
“महिलाओं के कपड़े फाड़ने के आरोप गलत”
सोनिया सहरावत ने प्रदर्शन के दौरान महिला प्रदर्शनकारियों के साथ दुर्व्यवहार के आरोपों को भी खारिज किया। उन्होंने कहा कि उनकी टीम में महिला अधिकारी और महिला जवान मौजूद थीं तथा किसी भी महिला के साथ अभद्र व्यवहार नहीं किया गया।
उन्होंने कहा, “हम कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए ड्यूटी पर थे। हमारा उद्देश्य केवल स्थिति को नियंत्रित करना था।”
8 जवान घायल होने का दावा
सोनिया सहरावत के अनुसार, इस घटना में उनकी टीम के लगभग 8 जवान घायल हुए। उन्होंने कहा कि पुलिस और RAF ने अधिकतम संयम बरता, लेकिन जब बैरिकेड तोड़ने और सुरक्षाकर्मियों पर हमला करने की कोशिश हुई तो स्थिति बिगड़ गई।
जंतर-मंतर पर हुए इस प्रदर्शन को लेकर पहले ही पुलिस और प्रदर्शनकारियों के अलग-अलग दावे सामने आ चुके हैं। अब RAF अधिकारी के बयान के बाद इस पूरे घटनाक्रम को लेकर बहस और तेज होने की संभावना है।



