
Bengaluru Triple Murder: बेंगलुरु के ट्रिपल मर्डर केस ने पूरे देश को झकझोर दिया है। अब इस मामले में एक नया और हैरान करने वाला खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया है कि आरोपी ने कथित तौर पर AI चैटबॉट की मदद से हत्या की योजना बनाई थी।
पुलिस के मुताबिक मुख्य आरोपी श्वेता और उसके लिव-इन पार्टनर केनेथ पर श्वेता के माता-पिता और छोटी बहन की हत्या का आरोप है। यह वारदात जून 2026 में बेंगलुरु के सीगेहल्ली इलाके में हुई थी।
जांच अधिकारियों का दावा है कि केनेथ ने कई महीनों तक AI चैटबॉट का इस्तेमाल किया। उसने कथित रूप से हत्या करने, खून के निशान मिटाने और शवों को ठिकाने लगाने जैसे सवाल पूछे थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने संबंधित AI कंपनी से संपर्क किया है। जांच एजेंसियां चैट हिस्ट्री हासिल करने की कोशिश कर रही हैं। यह जानकारी केस में अहम सबूत बन सकती है।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि परिवार श्वेता के लिव-इन रिश्ते का विरोध करता था। इसके अलावा आर्थिक परेशानियां और पारिवारिक तनाव भी इस मामले की वजह बताए जा रहे हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार श्वेता ने पूछताछ में अपने परिवार के साथ रिश्तों को लेकर नाराजगी जताई थी। उसने दावा किया था कि परिवार उसके निजी जीवन में अत्यधिक दखल देता था।
हत्या के बाद दोनों आरोपी कथित तौर पर बेंगलुरु छोड़कर भाग गए थे। बाद में पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद जांच में कई नए तथ्य सामने आए।
इस केस ने AI तकनीक के संभावित दुरुपयोग को लेकर भी बहस छेड़ दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि तकनीक अपने आप में अपराध नहीं करती, लेकिन उसका गलत इस्तेमाल गंभीर खतरे पैदा कर सकता है।
फिलहाल पुलिस मामले की हर कड़ी की जांच कर रही है। AI चैट हिस्ट्री और डिजिटल सबूतों के आधार पर आरोपियों की भूमिका को और स्पष्ट करने की कोशिश की जा रही है।



