
1912 पर करें शिकायत तीन दिनों के भीतर होगा समस्या का समाधान
डिवीजन स्तर पर कि गई है विशेष समस्या निवारण टीमों की तैनाती
मीटर से जुड़ी जटिल समस्याओं को भी समझकर उनका समाधान कर सकेंगे
प्रयागराज । शहर समेत पूरे क्षेत्र में स्मार्ट मीटर को लेकर बढ़ते विरोध और उपभोक्ताओं की लगातार आ रही शिकायतों के बीच बिजली विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। उपभोक्ताओं की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए अब ‘स्मार्ट मीटर समस्या निवारण सेल’ का गठन किया गया है। विभाग का दावा है कि इस सेल के जरिए शिकायतों का निस्तारण तुरंत या अधिकतम तीन दिनों के भीतर कर दिया जाएगा।
स्मार्ट मीटर लागू होने के बाद से ही इसे लेकर आम उपभोक्ताओं में असंतोष देखा जा रहा है। शुरुआत से ही कई लोगों ने इस मीटर को ‘तेज चलने वाला बताते हुए आरोप लगाया कि इसके कारण बिजली की खपत वास्तविक से अधिक दर्ज हो रही है, जिससे बिल भी ज्यादा आ रहा है। हालांकि विभाग इन आरोपों को तकनीकी रूप से गलत बताता रहा है, लेकिन जमीनी स्तर पर विरोध कम नहीं हुआ। स्थिति उस समय और गंभीर हो गई जब स्मार्ट मीटर को प्रीपेड सिस्टम से जोड़ा गया। अब उपभोक्ताओं को पहले रिचार्ज कर बिजली इस्तेमाल करनी होती है। इस नई व्यवस्था को लेकर लोगों में भ्रम और असुविधा दोनों बढ़े हैं। कई उपभोक्ताओं का कहना है कि वे जैसे ही मीटर रिचार्ज कराते हैं, बैलेंस तुरंत माइनस में दिखने लगता है। इससे उन्हें बार-बार रिचार्ज कराने की मजबूरी होती है, जिससे आर्थिक दबाव भी बढ़ता है। इस तरह कि लगातार मिल रही शिकायतों और बढ़ते विरोध को देखते हुए विभाग ने समस्या निवारण सेल का गठन किया है।
प्रयागराज जोन-1 के मुख्य अभियंता राजेश कुमार ने बताया कि उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए 1912 हेल्पलाइन नंबर सक्रिय किया गया है। इस नंबर पर कॉल कर कोई भी उपभोक्ता अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है। उन्होंने बताया कि कॉल मिलने के बाद संबंधित टीम तुरंत कार्रवाई करेगी और कोशिश होगी कि समस्या का समाधान उसी दिन कर दिया जाए। यदि किसी कारणवश तत्काल समाधान संभव नहीं होता है, तो अधिकतम तीन दिनों के भीतर शिकायत का निस्तारण कर दिया जाएगा। इसके अलावा हर डिवीजन स्तर पर विशेष समस्या निवारण टीमों की तैनाती भी की गई है।
उपभोक्ता सीधे इन कार्यालयों में जाकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं और मौके पर ही समाधान पा सकते हैं। विभाग का कहना है कि इन टीमों में तकनीकी विशेषज्ञ भी शामिल हैं, जो मीटर से जुड़ी जटिल समस्याओं को भी समझकर उनका समाधान कर सकेंगे। बिजली विभाग का मानना है कि स्मार्ट मीटर भविष्य की जरूरत है और इससे पारदर्शिता बढ़ेगी, लेकिन उपभोक्ताओं का भरोसा जीतना भी उतना ही जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह पहल की गई है, ताकि लोगों की शंकाओं का समाधान हो और वे इस नई तकनीक को स्वीकार कर सकें।
रिपोर्ट: आकाश त्रिपाठी



