
National Politics News: राजस्थान के बालोतरा जिले के पचपदरा में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच भारत सरकार की रणनीति और उपलब्धियों का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई देश ईंधन संकट से जूझ रहे हैं, लेकिन भारत ने समय रहते सही निर्णय लेकर न केवल ऊर्जा आपूर्ति को बनाए रखा बल्कि आम लोगों पर महंगाई का अतिरिक्त बोझ भी नहीं पड़ने दिया।
‘LPG की कीमत 2000 रुपये तक पहुंच सकती थी’
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अपनी एलपीजी (LPG) जरूरतों का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है। उन्होंने बताया कि आयातित एलपीजी का अधिकांश हिस्सा खाड़ी देशों से होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते भारत पहुंचता है। हालिया युद्ध और तनाव के कारण इस मार्ग से आपूर्ति प्रभावित हुई, जिससे गंभीर ऊर्जा संकट की स्थिति बन सकती थी।
पीएम मोदी के अनुसार यदि समय पर प्रभावी कदम नहीं उठाए जाते तो घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 2,000 रुपये तक पहुंच सकती थी। हालांकि सरकार ने रणनीतिक फैसले लेकर कीमतों को नियंत्रित रखा और आज भी घरेलू गैस सिलेंडर 950 रुपये से कम कीमत पर उपलब्ध कराया जा रहा है।
सात दिनों में बढ़ाया गया LPG उत्पादन
प्रधानमंत्री ने कहा कि संकट की शुरुआत होते ही सरकार ने देश की रिफाइनरियों की उत्पादन क्षमता बढ़ाने का निर्णय लिया। उन्होंने बताया कि केवल सात दिनों के भीतर एलपीजी उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि की गई। यहां तक कि जिन रिफाइनरियों में पहले एलपीजी का उत्पादन नहीं होता था, उन्हें भी इस काम के लिए तैयार किया गया।
सरकार का दावा है कि इसी दौरान कम समय में लगभग 11 लाख से अधिक घरों को पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन उपलब्ध कराया गया, जिससे एलपीजी पर निर्भरता कम करने में मदद मिली।
कमर्शियल गैस सिलेंडर भी हुए सस्ते
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने केवल घरेलू उपभोक्ताओं को ही राहत नहीं दी, बल्कि हाल ही में कमर्शियल गैस सिलेंडरों की कीमतों में भी बड़ी कटौती की है। उनके अनुसार यह फैसला छोटे व्यापारियों, होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक उपभोक्ताओं को राहत देने के उद्देश्य से लिया गया है।
उन्होंने कहा कि सरकार लगातार ऐसे फैसले ले रही है जिससे वैश्विक संकट का असर आम नागरिकों पर कम से कम पड़े।
दुनिया में ऊर्जा संकट, भारत ने दिखाई तैयारी
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि पश्चिमी एशिया में जारी संघर्ष ने पूरी दुनिया में ऊर्जा संकट पैदा कर दिया है। कई विकसित देश भी ईंधन की कमी और बढ़ती कीमतों से परेशान हैं।
उन्होंने कहा कि भारत ने संकट का समय रहते आकलन किया, प्रभावी रणनीति बनाई, घरेलू संसाधनों का संतुलित उपयोग किया और कूटनीतिक स्तर पर भी सक्रिय भूमिका निभाई। इसी कारण देश इस चुनौती से अपेक्षाकृत बेहतर तरीके से बाहर निकलने में सफल रहा।
विपक्ष पर भी साधा निशाना
अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर भी अप्रत्यक्ष हमला बोला। उन्होंने कहा कि जब कुछ लोग केवल अफवाहें फैलाने और आशंकाएं व्यक्त करने में लगे थे, तब सरकार के विभिन्न स्तरों पर लगातार काम किया जा रहा था।
उन्होंने कहा कि नीति निर्माण, कूटनीतिक प्रयास और प्रशासनिक स्तर पर लिए गए संवेदनशील निर्णयों का महत्व भविष्य में इतिहास में दर्ज किया जाएगा।
राजस्थान को मिली 1.06 लाख करोड़ रुपये की विकास परियोजनाएं
बालोतरा दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने राजस्थान के लिए करीब 1.06 लाख करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन भी किया। इन परियोजनाओं में पेट्रोकेमिकल सेक्टर, रेलवे, सड़क अवसंरचना, शहरी परिवहन, नवीकरणीय ऊर्जा, बिजली ट्रांसमिशन और अन्य बुनियादी ढांचा विकास से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं।
सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं से राजस्थान में औद्योगिक विकास को गति मिलेगी, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और राज्य की आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिलेगी।
वैश्विक ऊर्जा संकट और पश्चिमी एशिया में जारी तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकार के ऊर्जा प्रबंधन को देश की बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने दावा किया कि समय पर लिए गए निर्णयों की वजह से भारत में ईंधन आपूर्ति सामान्य बनी रही, एलपीजी की कीमतों को नियंत्रित रखा गया और लाखों परिवारों को PNG जैसी वैकल्पिक सुविधा उपलब्ध कराई गई। साथ ही राजस्थान के लिए घोषित बड़ी विकास परियोजनाओं के जरिए केंद्र सरकार ने राज्य के औद्योगिक और बुनियादी ढांचे को नई गति देने का भी संदेश दिया।



