
International News: ईरान ने अमेरिका और इजरायल को एक बार फिर सख्त संदेश देते हुए कहा है कि यदि दोनों देश हालिया समझौते की शर्तों का पालन नहीं करते हैं, तो तेहरान भी अपने हितों की रक्षा के लिए उसी अनुरूप जवाबी कदम उठाएगा। ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने कहा कि ईरान किसी भी स्थिति में अपने अधिकारों और राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता नहीं करेगा।
बेलारूस की संसद के अध्यक्ष के साथ हुई बैठक के दौरान गालिबाफ ने कहा कि ईरान समझौते के सभी बिंदुओं को पूरी तरह लागू किए जाने की अपेक्षा करता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि अमेरिका और इजरायल अपने वादों से पीछे हटते हैं, तो ईरान भी उसी के अनुरूप प्रतिक्रिया देगा।
गालिबाफ ने यह भी दावा किया कि हाल के घटनाक्रमों से अमेरिका को यह एहसास हो चुका है कि सैन्य ताकत के बल पर ईरान को झुकाना आसान नहीं है। उनका कहना था कि तेहरान अपनी सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए हर आवश्यक कदम उठाने में सक्षम है।
रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच हुए इस समझौते की बातचीत में इजरायल प्रत्यक्ष रूप से शामिल नहीं था। हालांकि, समझौते की कुछ प्रमुख शर्तें क्षेत्र में स्थायी शांति और भविष्य में संघर्ष की पुनरावृत्ति रोकने से जुड़ी हैं। दूसरी ओर, इजरायल इस समझौते के कुछ प्रावधानों को लेकर अपनी असहमति पहले ही जता चुका है।
इजरायली पक्ष का मानना है कि यदि ईरान के परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रमों पर प्रभावी नियंत्रण नहीं लगाया जाता, तो क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बना रह सकता है। इसी कारण समझौते को लेकर अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच मतभेद अभी भी पूरी तरह समाप्त नहीं हुए हैं।
मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच ईरान का यह ताजा बयान आने वाले दिनों में क्षेत्रीय कूटनीति और सुरक्षा समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। अब अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर इस बात पर टिकी है कि संबंधित पक्ष समझौते के पालन को लेकर आगे क्या रुख अपनाते हैं और क्या बढ़ते तनाव को बातचीत के जरिए कम किया जा सकेगा।



