प्रयागराज में बड़ा एक्शन: 86 होटल, गेस्ट हाउस और बैंक्वेट हॉल का पंजीकरण निरस्त

Major action in Prayagraj: Registration of 86 hotels, guest houses, and banquet halls cancelled

कोचिंग संस्थानों के बाद अब होटल कारोबार पर प्रशासन की सख्ती
फायर सेफ्टी मानकों की अनदेखी करने वालों पर गिरी गाज

लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड ने प्रशासनिक अमले को झकझोर कर रख दिया है। इस घटना से सबक लेते हुए प्रयागराज प्रशासन ने शहर में अग्नि सुरक्षा मानकों की व्यापक समीक्षा शुरू कर दी है। नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रशासन लगातार कार्रवाई कर रहा है। इसी क्रम में बुधवार को बड़ा फैसला लेते हुए एडीएम सिटी ने होटल, गेस्ट हाउस, रेस्टोरेंट और बैंक्वेट हॉल समेत कुल 86 संस्थानों का पंजीकरण निरस्त कर दिया। इस कार्रवाई से शहर के व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में हड़कंप मच गया है। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि सुरक्षा मानकों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिन संस्थानों में फायर सेफ्टी के आवश्यक इंतजाम नहीं पाए गए, उनके खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे।
कुछ दिन पहले प्रशासन ने की थी कार्यवाही
इससे कुछ दिन पहले भी प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शहर के 15 से अधिक कोचिंग संस्थानों को सीज कर दिया था। जांच के दौरान ये संस्थान निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरे थे। कई जगहों पर आपातकालीन निकास, अग्निशमन यंत्र, सुरक्षा संकेतक और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का अभाव पाया गया था। वहीं कई अन्य कोचिंग संस्थानों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। निर्धारित समय सीमा के भीतर कमियां दूर न करने पर उनके खिलाफ भी सीज करने की कार्रवाई की जाएगी।  अग्निशमन विभाग द्वारा जारी रिपोर्ट और नोटिस के आधार पर प्रशासन ने होटल, गेस्ट हाउस एवं बैंक्वेट हॉल संचालकों के खिलाफ कार्रवाई का दायरा बढ़ाया। चीफ फायर ऑफिसर द्वारा उपलब्ध कराई गई सूची में ऐसे संस्थानों को चिह्नित किया गया था, जिन्होंने फायर सेफ्टी नियमों का पालन नहीं किया था या निर्धारित प्रमाणपत्रों का नवीनीकरण नहीं कराया था।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी किसी बड़ी घटना को दावत
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि शहर में बड़ी संख्या में लोग होटलों, रेस्टोरेंट और बैंक्वेट हॉल में विभिन्न आयोजनों में शामिल होते हैं। ऐसे में सुरक्षा मानकों की अनदेखी किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकती है। इसलिए ऐसे संस्थानों को संचालन की अनुमति नहीं दी जा सकती, जहां लोगों की जान जोखिम में पड़ने की आशंका हो। एडीएम सिटी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रशासन का उद्देश्य किसी व्यवसाय को नुकसान पहुंचाना नहीं, बल्कि नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। सभी संस्थान संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अग्निशमन विभाग द्वारा निर्धारित मानकों का शत-प्रतिशत पालन करें। फायर एनओसी, आपातकालीन निकास, अग्निशमन यंत्र, अलार्म सिस्टम और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाएं पूर्ण होने के बाद ही उन्हें दोबारा संचालन की अनुमति दी जाएगी। प्रशासन की इस सख्ती को अलीगंज अग्निकांड के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठाया गया सबसे बड़ा कदम माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में भी जांच अभियान जारी रहेगा और जो भी संस्थान नियमों की अनदेखी करते पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने साफ संदेश दिया है कि लोगों की जान से खिलवाड़ करने वालों के लिए अब किसी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी।

रिपोर्ट : आकाश त्रिपाठी

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