National News: संयुक्त राष्ट्र के मंच पर भारत के विकास मॉडल की सराहना, जिनेवा में MSME और SDG पर रखी मजबूत बात

यूएन जिनेवा में भारत ने विकास के अधिकार, MSME, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और आयुष्मान भारत मॉडल को दुनिया के सामने प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।

National News: संयुक्त राष्ट्र के जिनेवा स्थित मुख्यालय में भारत ने एक बार फिर वैश्विक मंच पर अपने विकास मॉडल और आर्थिक कूटनीति की प्रभावशाली प्रस्तुति दी। भारत के स्थायी मिशन ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार, सतत विकास और समावेशी आर्थिक वृद्धि जैसे अहम मुद्दों पर देश की उपलब्धियों और नीतियों को दुनिया के सामने रखा।

इसी क्रम में भारत की उप-स्थायी प्रतिनिधि (डीपीआर) राजदूत टी. अजंगला जमीर ने इंटरनेशनल ट्रेड सेंटर (ITC) के जॉइंट एडवाइजरी ग्रुप (JAG) की 60वीं बैठक में भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य वैश्विक व्यापार में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) की भागीदारी बढ़ाना तथा विकासशील देशों के बीच व्यापारिक सहयोग को मजबूत करना था।

बैठक से पहले भारत के स्थायी मिशन की ओर से “विकास का अधिकार: 2030 और उसके बाद प्रगति के लिए एक प्रेरक” विषय पर एक विशेष साइड इवेंट आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों, नीति-निर्माताओं और विकास विशेषज्ञों ने सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को समय पर हासिल करने की दिशा में विचार-विमर्श किया।

कार्यक्रम के दौरान भारत के अधिकार-आधारित विकास मॉडल की व्यापक सराहना हुई। विशेषज्ञों ने आयुष्मान भारत योजना को सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज (Universal Health Coverage) का सफल उदाहरण बताया। साथ ही डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI), टेलीमेडिसिन और वित्तीय समावेशन के क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों को भी उल्लेखनीय बताया गया, जिनके माध्यम से समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरकारी सेवाएं और सुविधाएं पहुंची हैं।

बैठक में यह भी रेखांकित किया गया कि सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) की समयसीमा पूरी होने में अब पांच वर्ष से भी कम समय बचा है। ऐसे में ‘ग्लोबल साउथ’ के देशों को केवल सहायता प्राप्त करने वाले राष्ट्रों के रूप में नहीं, बल्कि वैश्विक नवाचार और व्यावहारिक समाधानों के प्रमुख भागीदार के रूप में देखा जाना चाहिए। भारत द्वारा सस्ती जेनेरिक दवाओं और टीकों के उत्पादन के माध्यम से वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा में दिए गए योगदान को ‘दक्षिण-दक्षिण सहयोग’ का उत्कृष्ट उदाहरण बताया गया।

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जिनेवा स्थित संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि राजदूत टी. अजंगला जमीर ने आईटीसी के जॉइंट एडवाइजरी ग्रुप की 60वीं बैठक में भारत के MSME क्षेत्र को वैश्विक व्यापार से जोड़ने के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों और भारत की प्रतिबद्धता को प्रमुखता से रखा।

वहीं, ‘विकास का अधिकार’ विषय पर आयोजित साइड इवेंट के सफल समापन पर भारतीय मिशन ने कहा कि बड़ी संख्या में प्रतिनिधियों की भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि एसडीजी 2030 और उसके बाद की वैश्विक प्रगति में ‘विकास के अधिकार’ की अवधारणा को लेकर दुनिया भर में गहरी रुचि और समर्थन मौजूद है।

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि अरिंदम बागची और उप-स्थायी प्रतिनिधि टी. अजंगला जमीर की उपस्थिति में आयोजित इन कार्यक्रमों ने यह स्पष्ट किया कि भारत न केवल अपने घरेलू विकास लक्ष्यों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ा रहा है, बल्कि वैश्विक स्तर पर न्यायसंगत, समावेशी और सतत आर्थिक व्यवस्था के निर्माण में भी सक्रिय और नेतृत्वकारी भूमिका निभा रहा है।

(रिपोर्ट: शाश्वत तिवारी)

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