
Mau News-जनपद मऊ के पत्रकार जगत में उस समय खुशी और चर्चा का माहौल बन गया, जब इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने ‘स्वतंत्र भारत’ हिन्दी समाचार पत्र के जिला संवाददाता वायुनन्दन मिश्र के विरुद्ध चल रही आपराधिक कार्यवाही पर अंतरिम रोक लगा दी।
थाना कोपागंज क्षेत्र की निवासी श्रीमती विभा पाण्डेय द्वारा वर्ष 2021 में दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3/4 तथा भारतीय दंड संहिता (IPC) की तत्कालीन धाराओं 504 एवं 506 के तहत एक मुकदमा दर्ज कराया गया था।
इस मामले में घोसी तहसील के भावनपुर अरियासो गांव निवासी अभिषेक पाण्डेय, विवेक कुमार, मृत्युञ्जय पाण्डेय के साथ-साथ पत्रकार वायुनन्दन मिश्र को भी आरोपी बनाया गया था।
पुलिस विवेचना के बाद न्यायालय में आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल की गई, जिसमें पत्रकार का नाम भी शामिल था। इसके आधार पर संबंधित न्यायिक मजिस्ट्रेट ने उन्हें ट्रायल (आपराधिक परीक्षण) के लिए समन जारी किया था।
न्यायिक कार्यवाही को चुनौती देते हुए पत्रकार वायुनन्दन मिश्र ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय (Allahabad High Court) का दरवाजा खटखटाया।
मामले की सुनवाई के दौरान उनके वरिष्ठ अधिवक्ता चन्द्रकान्त त्रिपाठी ने कोर्ट के समक्ष विस्तृत पक्ष रखा। दलीलों को सुनने के बाद, इलाहाबाद उच्च न्यायालय की विद्वान न्यायमूर्ति नन्द प्रभा शुक्ला की ग्रीष्मकालीन पीठ ने 5 जून को आदेश पारित करते हुए वायुनन्दन मिश्र के विरुद्ध अधीनस्थ न्यायालय में चल रही आपराधिक कार्यवाही पर अंतरिम रोक लगा दी।
उच्च न्यायालय के इस फैसले के बाद जनपद मऊ के पत्रकारों और मीडिया जगत से जुड़े लोगों में प्रसन्नता की लहर है। स्थानीय पत्रकार संगठनों ने इस निर्णय का स्वागत किया है और यह मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
Read Also-UP News-2029 तक जनता ढूंढ़ लेगी कांग्रेस और सपा का विकल्प : केशव माैर्य



