
Pratapgarh RSETI Inspection: मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) डॉ. राममोहन मीना ने ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) का निरीक्षण कर वहां संचालित विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से संवाद किया, नए प्रशिक्षण बैच का शुभारंभ किया तथा प्रशिक्षण पूरा कर चुके प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया।
निरीक्षण के दौरान सीडीओ ने 38 दिवसीय असिस्टेंट बुक कीपर तथा 13 दिवसीय कृषि उद्यमी आवासीय प्रशिक्षण बैचों का अवलोकन किया। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से प्रशिक्षण की गुणवत्ता, भोजन, आवास और अन्य सुविधाओं के बारे में जानकारी ली तथा उन्हें अनुशासन और समर्पण के साथ प्रशिक्षण पूरा करने के लिए प्रेरित किया।
एसी एवं फ्रिज रिपेयर प्रशिक्षण बैच का शुभारंभ
डॉ. राममोहन मीना ने दीप प्रज्ज्वलित कर एसी एवं फ्रिज रिपेयर के नए प्रशिक्षण बैच का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में तकनीकी और कौशल आधारित प्रशिक्षण की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे प्रशिक्षण युवाओं को कम समय में रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराते हैं।
उन्होंने कहा कि कौशल विकास आत्मनिर्भरता की सबसे मजबूत आधारशिला है। आरसेटी जैसे संस्थान युवाओं और महिलाओं को केवल प्रशिक्षण ही नहीं देते, बल्कि उन्हें सफल उद्यमी बनने की दिशा में भी मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।
सरकारी योजनाओं का उठाएं लाभ
सीडीओ ने प्रशिक्षणार्थियों को बताया कि प्रशिक्षण पूरा होने के बाद वे मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान सहित विभिन्न बैंक ऋण योजनाओं का लाभ लेकर अपना स्वयं का रोजगार शुरू कर सकते हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि लाभार्थियों की सुविधा के लिए समय-समय पर आरसेटी परिसर में पंजीकरण शिविर और सहायता डेस्क भी आयोजित किए जाते हैं।
महिला प्रशिक्षणार्थियों को मिले प्रमाण-पत्र
कार्यक्रम के दौरान वूमेन टेलरिंग प्रशिक्षण पूरा करने वाली 32 महिला प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। सीडीओ ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि यदि पारंपरिक सिलाई-कढ़ाई के कौशल को आधुनिक बाजार की जरूरतों के अनुरूप विकसित किया जाए तो महिलाओं के लिए स्वरोजगार के अनेक अवसर उपलब्ध हो सकते हैं।
उन्होंने महिलाओं से अपने हुनर को समय के साथ लगातार निखारने और उसे आय का मजबूत माध्यम बनाने का आह्वान किया।
पौधरोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
कार्यक्रम के समापन पर मुख्य विकास अधिकारी ने आरसेटी परिसर में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस अवसर पर अग्रणी जिला प्रबंधक (एलडीएम) नीरज सिंह ने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान सीखे गए कौशल का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा, जब प्रशिक्षार्थी उसे स्वरोजगार में बदलेंगे। उन्होंने पात्र लाभार्थियों को बैंक ऋण और आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराने का भरोसा भी दिया।
कार्यक्रम में बैंक ऑफ बड़ौदा के मुख्य प्रबंधक श्री नारायण, महुली शाखा के मुख्य प्रबंधक अविनाश, आरसेटी के निदेशक रवि रंजन, संस्थान के अधिकारी, कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे।



