
उत्तर प्रदेश में गर्मी ने अब विकराल रूप धारण कर लिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में 22 मई 2026 तक ऊष्ण लहर से भीषण ऊष्ण लहर चलने की चेतावनी जारी की है। बढ़ते तापमान और झुलसाने वाली गर्म हवाओं को देखते हुए उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने आम नागरिकों, श्रमिकों और पशुपालकों के लिए विशेष सावधानी बरतने की चेतावनी दी है।
मौसम विभाग के अनुसार बुंदेलखंड और मध्य यूपी के कई जिले अगले तीन दिनों तक भीषण गर्मी की चपेट में रहेंगे। दोपहर के समय तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचने की पूरी संभावनाएं जताई जा रही थी, कि बुधवार को ही तापमान अनुमानित 45 डिग्री के अनुमानित तापमान को पार करते हुए प्रयागराज का अधिकतम तापमान 47 डिग्री और न्यूनतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस रहा। डॉक्टरोंं ने इसे स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक बताया है। वहीं 20 मई से 21 मई तक बांदा, चित्रकूट, प्रयागराज, फतेहपुर, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, जालौन, हमीरपुर, महोबा और झांसी में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
इसके अलावा 21 मई से 22 मई तक बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, कानपुर देहात, कानपुर नगर, औरैया, जालौन, हमीरपुर, महोबा और झांसी में रेड अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के वैज्ञानिको और चिकित्सकों का कहना है कि दोपहर 12 बजे से 3 बजे के मध्य अत्यधिक जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकलें। मौसम वैज्ञानिकों और त्वचा चिकित्सकों का मानना है कि,क्योंकि इस समय सूर्य की किरणें सबसे अधिक खतरनाक होती हैं। इसी के साथ उन्होंने बताया कि लगातार धूप में रहने से शरीर में पानी की कमी, चक्कर आना, तेज बुखार और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याएं हो सकती हैं। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को सबसे ज्यादा खतरा बताया गया है।
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने निर्माण कार्य, खेतों और खुले स्थानों पर काम करने वाले श्रमिकों के लिए कई दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जिसमे काम के दौरान बीच-बीच में छाया में आराम करने की सलाह दी गई है। मजदूरों के कार्य का समय बदलने और दोपहर में बाहरी काम रोकने को कहा गया है। कार्यस्थलों पर ठंडे पानी और ह्रक्रस् की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्राथमिक उपचार की सुविधा उपलब्ध रखने को भी कहा गया है।
श्रमिकों के बच्चों के लिए छायादार स्थान की व्यवस्था करने के निर्देाश दिये हैै। काम काजी मजदूरों और खेत में फसलों की तकवारी करने वाले किसानों के साथ साथ मौसम विभाग ने पशुपालकों के लिए भी गाइड लाइन जारी की है। जिसमे प्रशासन ने पशुपालकों से दोपहर में जानवरों को खुले में न बांधना। पशुओं को दिन में तीन से चार बार ठंडा और ताजा पानी पिलाना जरूरी है। साथ ही हरे चारे और पानी से भरपूर आहार देने को कहा गया है। सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक पशुओं से खेत में काम न कराने की सलाह दी गई है। पशु आश्रय स्थलों में पर्याप्त वेंटिलेशन और पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।
प्रदेश में बढ़ती गर्मी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को भी अलर्ट पर रखा गया है। अस्पतालों में हीट स्ट्रोक से प्रभावित मरीजों के लिए विशेष इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं। एम्बुलेंस सेवाओं को भी सक्रिय रहने को कहा गया है। प्रशासन ने लोगों एडवाइजरी जारी करते हुए कहा है कि शरीर में कमजोरी, चक्कर, तेज सिरदर्द, उल्टी या बेहोशी जैसी स्थिति होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। किसी भी आपात स्थिति में लोग पुलिस सहायता के लिए 100 या 112, एम्बुलेंस सेवा के लिए 108 और राहत आपदा कंट्रोल रूम के लिए 1070 पर संपर्क कर सकते हैं। वहीं जिला आपदा नियंत्रण कक्ष का नंबर 1077 जारी किया गया है। प्रदेश में लगातार बढ़ती गर्मी और लू को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। आने वाले तीन दिन लोगों के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। ऐसे में सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव मानी जा रही है।
रिपोर्ट: आकाश त्रिपाठी



