रामबाग फ्लाईओवर समेत कई प्रमुख मार्गों पर ई-रिक्शा बैन, 21 मई से लागू होगी नई ट्रैफिक व्यवस्था

E-rickshaws banned on several major routes, including the Rambagh flyover; new traffic arrangements to be implemented from May 21

प्रयागराज शहर में लगातार बढ़ते ट्रैफिक जाम और सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए प्रशासन ने ई-रिक्शा संचालन को लेकर बड़ा कदम उठाया है। शहर की कई प्रमुख सड़कों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में अब ई-रिक्शा के संचालन पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। यह नई व्यवस्था  महीने की 21 तारीख से लागू होगी और शुरुआती तौर पर इसे एक महीने के पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया जाएगा। प्रशासन का मानना है कि इस फैसले से शहर में यातायात व्यवस्था बेहतर होगी और लोगों को जाम से राहत मिलेगी।

पुलिस क्लब चौराहे से आनंद हॉस्पिटल तक, कचहरी से विश्वविद्यालय मार्ग तक विश्वविद्यालय से एएन झा हॉस्टल तक, रामबाग फ्लाईओवर ब्रिज, सिविल लाइंस हनुमान मंदिर से सुभाष चौराहे तक और लक्ष्मी टॉकीज से पुलिस क्लब चौराहे तक ई-रिक्शे का आवागमन पूरी तरह से बाधित रहेगा। प्रशाासन ने चिन्हित स्थानों पर ई-रिक्शों का आवागमन प्रतिबंधित करने के साथ साथ कुछ स्थानों पर इनके आने जाने के लिए रूट डायवर्जन भी किया गया है। तेलियरगंज से सिविल लाइंस होकर आने वाले ई-रिक्शा सिविल लाइंस हनुमान मंदिर होते हुए फायर बिग्रेड चौराहे की तरफ से नवाब यूसुफ रोड की तरफ होते हुए सिविल लाइंस रेलवे जंक्शन, हाईकोर्ट की तरफ जायेंगे और इसी मार्ग से वापस आएंगे।

बैरहना संगम की तरफ से आने वाले ई-रिक्शा जीटी रोड से होते हुए जवााहर सीएमपी कॉलेज से बाएं मुड़कर डीआरएम ऑफिस होते हुए सिविल लाइंस रेलवे स्टेशन और हाईकोर्ट की तरफ जाएंगे और उसी मार्ग से वापस हो जाएंगे। शहर में वर्तमान समय में हजारों की संख्या में ई-रिक्शा संचालित हो रहे हैं। इनमें से बड़ी संख्या बिना तय रूट और बिना उचित पार्किंग व्यवस्था के सड़कों पर खड़ी रहती है। इसके कारण मुख्य मार्गों पर यातायात प्रभावित होता है। ट्रैफिक पुलिस और नगर प्रशासन को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि ई-रिक्शा चालक मनमाने तरीके से वाहन रोकते हैं, जिससे सड़क पर लंबा जाम लग जाता है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि कई बार एंबुलेंस और स्कूली वाहनों को भी जाम में फंसना पड़ता है। इसी समस्या को देखते हुए ट्रैफिक विभाग ने विस्तृत सर्वे कराया था। सर्वे रिपोर्ट में यह सामने आया कि शहर के प्रमुख जाम वाले क्षेत्रों में ई-रिक्शा की अनियंत्रित आवाजाही बड़ी वजह बन रही है। नई व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए प्रशासन ने छह प्रमुख स्थानों को चिन्हित किया है।

इन जगहों पर 24 घंटे ट्रैफिक पुलिस की तैनाती रहेगी। पुलिसकर्मी यह सुनिश्चित करेंगे कि प्रतिबंधित क्षेत्रों में कोई भी ई-रिक्शा प्रवेश न करे। साथ ही अवैध पार्किंग और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी। ट्रैफिक विभाग के अधिकारियों के मुताबिक पायलट प्रोजेक्ट के दौरान हर दिन यातायात व्यवस्था की निगरानी की जाएगी। इसके लिए सीसीटीवी कैमरों और मोबाइल पेट्रोलिंग टीम की भी मदद ली जाएगी। यदि यह प्रयोग सफल रहा तो आने वाले समय में इसे स्थायी रूप से लागू किया जा सकता है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद आम लोगों को शुरुआती दिनों में कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। स्टेशन, बाजार और अस्पतालों तक पहुंचने के लिए लोग बड़ी संख्या में ई-रिक्शा का उपयोग करते हैं। ऐसे में प्रतिबंध लागू होने पर यात्रियों को वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ेगा। हालांकि प्रशासन का दावा है कि लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक रूट तैयार किए जा रहे हैं। कुछ स्थानों पर ई-रिक्शा स्टैंड भी बनाए जाएंगे ताकि यात्रियों को ज्यादा दिक्कत न हो। ट्रैफिक प्रभारी मनोज सिंह ने बताया यह माह के लिए लागू किया जा रहा हैै। इससे आने वाले परिणामों के आधार पर आगे की प्रक्रिया कार्यान्वित की जाएगी।

इसके अलावा शहर बस सेवा और ऑटो रिक्शा संचालन को भी व्यवस्थित करने की योजना बनाई जा रही है। प्रशासन के इस फैसले के बाद ई-रिक्शा चालकों में नाराजगी देखी जा रही है। चालकों का कहना है कि ई-रिक्शा ही उनकी रोजी-रोटी का मुख्य साधन है। यदि प्रमुख मार्गों पर संचालन बंद किया गया तो उनकी आय पर सीधा असर पड़ेगा। कई चालकों ने प्रशासन से वैकल्पिक रूट और स्टैंड की मांग की है। कुछ चालक संगठनों ने कहा कि शहर में ट्रैफिक जाम के लिए केवल ई-रिक्शा जिम्मेदार नहीं हैं। अवैध पार्किंग, सड़क किनारे अतिक्रमण और अनियोजित ट्रैफिक व्यवस्था भी बड़ी वजह है। उन्होंने प्रशासन से सभी पहलुओं पर समान रूप से कार्रवाई करने की मांग की। दूसरी ओर शहर के कई नागरिकों और व्यापारिक संगठनों ने प्रशासन के फैसले का स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि शहर में लगातार बढ़ते जाम से आम जनजीवन प्रभावित हो रहा था। खासकर रामबाग फ्लाईओवर और सिविल लाइंस इलाके में हर दिन लंबा जाम लगता था। यदि ई-रिक्शा संचालन नियंत्रित होता है तो यातायात व्यवस्था में सुधार आएगा।

व्यापारियों का मानना है कि जाम कम होने से बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही आसान होगी और व्यापार को भी फायदा मिलेगा। कई लोगों ने प्रशासन से यह भी मांग की है कि नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए ताकि व्यवस्था लंबे समय तक प्रभावी बनी रहे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह व्यवस्था फिलहाल एक महीने के ट्रायल के रूप में लागू की जा रही है। इस दौरान ट्रैफिक की स्थिति, लोगों की प्रतिक्रिया और जाम में कमी का आंकलन किया जाएगा। समीक्षा रिपोर्ट के आधार पर आगे की रणनीति तय होगी। शहर में बेहतर यातायात व्यवस्था और सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन के इस कदम को अहम माना जा रहा है। अब देखने वाली बात होगी कि यह पायलट प्रोजेक्ट प्रयागराज की ट्रैफिक समस्या को कितनी राहत दिला पाता है।

रिपोर्ट:आकाश त्रिपाठी

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