
Prayagraj News: शहर इन दिनों तेज़ लू और 45 डिग्री के आसपास पहुंचते तापमान की चपेट में है। गर्मी का असर अब सिर्फ शरीर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि लोगों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी साफ दिखाई देने लगा है। शहर के अस्पतालों और काउंसलिंग सेंटरों में चिड़चिड़ापन, गुस्सा, बेचैनी और तनाव से जूझ रहे मरीजों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।
स्थानीय डॉक्टरों के अनुसार, पिछले कुछ हफ्तों में मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में 20 से 30 प्रतिशत तक इजाफा हुआ है। खासतौर पर युवा वर्ग, कामकाजी पेशेवर और छात्र इस समस्या से ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। लगातार बढ़ते तापमान और उमस भरी गर्मी ने लोगों की दिनचर्या और नींद के पैटर्न को बुरी तरह बिगाड़ दिया है।
मनोचिकित्सकों का कहना है कि गर्मी के कारण शरीर में डिहाइड्रेशन और हार्मोनल असंतुलन होता है, जिससे व्यक्ति जल्दी गुस्सा करने लगता है और छोटी-छोटी बातों पर प्रतिक्रिया तीव्र हो जाती है। प्रयागराज के कई इलाकों में दिनभर बिजली कटौती और गर्म हवाओं के कारण लोग पर्याप्त आराम नहीं कर पा रहे हैं, जिससे मानसिक थकान बढ़ रही है।
शहर के सरकारी और निजी अस्पतालों में ओपीडी के दौरान ऐसे मरीज सामने आ रहे हैं, जो अनिद्रा, सिरदर्द, बेचैनी और ध्यान केंद्रित न कर पाने जैसी समस्याओं की शिकायत कर रहे हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, कई लोग बिना किसी बड़े कारण के ही तनाव और घबराहट महसूस कर रहे हैं, जो गर्मी के प्रभाव का संकेत है।
काउंसलिंग सेंटरों में भीड़ बढ़ने लगी है। विशेषज्ञ बताते हैं कि कई परिवारों में आपसी तनाव और झगड़ों के मामले भी बढ़े हैं, जिनका एक कारण यह अत्यधिक गर्मी और उससे उत्पन्न मानसिक दबाव है। घरों में लंबे समय तक बंद रहने और बाहर निकलने में असहजता के चलते लोग मानसिक रूप से अधिक परेशान हो रहे हैं।
डॉक्टरों ने इस स्थिति को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। उनका कहना है कि दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी पीना बेहद जरूरी है। साथ ही, दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए और हल्का, पौष्टिक भोजन करना चाहिए।
मानसिक स्वास्थ्य को संतुलित रखने के लिए योग, ध्यान और प्राणायाम को दैनिक जीवन में शामिल करने की सलाह दी जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, सुबह या शाम के समय हल्की सैर करना, हरे-भरे स्थानों पर समय बिताना और मोबाइल व लैपटॉप से दूरी बनाना तनाव को कम करने में मददगार हो सकता है।
परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताना भी मानसिक स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद माना जा रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि अपनी भावनाओं को दबाने के बजाय उन्हें साझा करना जरूरी है। यदि किसी व्यक्ति को लगातार गुस्सा, चिंता या उदासी महसूस हो रही है, तो उसे तुरंत विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए।
प्रयागराज में बढ़ती गर्मी ने साफ कर दिया है कि यह सिर्फ मौसम का बदलाव नहीं, बल्कि एक गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बनती जा रही है। ऐसे में जागरूकता, सावधानी और समय पर उपचार ही इस संकट से निपटने का सबसे कारगर उपाय है।
रिपोर्ट : आकाश त्रिपाठी



