
Delhi Assembly: दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान शुक्रवार को कथित 650 करोड़ रुपये के दवा घोटाले को लेकर सदन में जमकर हंगामा देखने को मिला। आम आदमी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के विधायक इस मुद्दे पर आमने-सामने आ गए। बहस इतनी बढ़ गई कि दोनों पक्षों के विधायक अपनी-अपनी सीटों से उठकर एक-दूसरे के सामने आ गए और तीखी नोकझोंक होने लगी।
सदन में बढ़ते हंगामे को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने दोनों पक्षों के विधायकों को शांत रहने की अपील की। स्थिति बिगड़ती देख सदन में मौजूद अन्य विधायक भी बीच-बचाव के लिए आगे आए। काफी देर की कोशिश के बाद दोनों पक्षों के बीच मामला शांत कराया गया।
AAP विधायक कुलदीप कुमार और BJP के रवि नेगी आमने-सामने
जानकारी के मुताबिक, दवा घोटाले के मुद्दे पर बहस के दौरान AAP विधायक कुलदीप कुमार और BJP विधायक रवि नेगी के बीच तीखी बहस हो गई। दोनों अपनी सीटों से उठकर आमने-सामने आ गए। इसके बाद सदन का माहौल काफी गरमा गया।
विधानसभा अध्यक्ष लगातार दोनों पक्षों के विधायकों से शांत रहने की अपील करते रहे। हालांकि, कुछ समय तक सदन में हंगामे की स्थिति बनी रही। बाद में अन्य विधायकों के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ।
650 करोड़ रुपये के कथित दवा घोटाले का मुद्दा
विपक्षी दल आम आदमी पार्टी ने कथित 650 करोड़ रुपये के दवा घोटाले को लेकर दिल्ली सरकार पर सवाल उठाए। AAP विधायकों ने इस मामले में सरकार से जवाब मांगा और स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग की।
AAP की ओर से आरोप लगाया गया कि दवा खरीद और स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े इस मामले में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों पर सरकार और संबंधित पक्ष का पक्ष भी महत्वपूर्ण है और आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच के बाद ही होगी।
विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत
दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत शुक्रवार से हुई। सत्र के पहले दिन सदन में महरौली अग्निकांड में जान गंवाने वाले लोगों और पूर्व विधायक बलजौर सिंह को श्रद्धांजलि दी गई।
इसके बाद सदन में जनहित और दिल्ली से जुड़े स्थानीय मुद्दों पर चर्चा शुरू हुई। इसी दौरान कथित दवा घोटाले का मुद्दा उठा और देखते ही देखते AAP और BJP विधायकों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई।
सियासी टकराव के बीच कई सवाल
दवा घोटाले को लेकर विधानसभा के भीतर हुआ हंगामा दिल्ली की राजनीति में बढ़ते टकराव को भी दिखाता है। AAP जहां सरकार से जवाबदेही और स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रही है, वहीं सत्ता पक्ष की ओर से इस मुद्दे पर क्या जवाब दिया जाता है, यह आने वाले दिनों में महत्वपूर्ण होगा।
फिलहाल विधानसभा में हुए इस हाई-वोल्टेज हंगामे का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें दोनों पक्षों के विधायक बहस करते नजर आ रहे हैं। अब देखना होगा कि मानसून सत्र के दौरान कथित दवा घोटाले का मुद्दा कितना आगे बढ़ता है और सरकार इस पर क्या जवाब देती है।



