
CM Yogi on Akhilesh Yadav: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को राजधानी लखनऊ में एक कार्यक्रम के दौरान समाजवादी पार्टी और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर जमकर निशाना साधा। नेशनल हैंडलूम डे के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में सीएम योगी ने संत कबीर राज्य स्तरीय हैंडलूम पुरस्कार वितरित किए। इस दौरान उन्होंने प्रदेश में हथकरघा और MSME क्षेत्र के लिए अपनी सरकार की ओर से किए जा रहे कामों का जिक्र किया और पिछली सरकार पर विकास को लेकर सवाल खड़े किए।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हथकरघा और MSME से जुड़े लोगों के लिए सरकार ने कई सुविधाएं शुरू की हैं। उन्होंने बताया कि MSME उत्पादों के रजिस्ट्रेशन के साथ पांच लाख रुपये तक का सुरक्षा बीमा कवर भी दिया जा रहा है। अगर किसी कारीगर के साथ दुर्घटना होती है तो उसे आर्थिक सहायता मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि बुनकर और कारीगर दिन-रात मेहनत करते हैं, ऐसे में उनकी सुरक्षा और सुविधाओं का ध्यान रखना सरकार की जिम्मेदारी है।
इसी दौरान सीएम योगी ने पिछली समाजवादी पार्टी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि जो काम आज उनकी सरकार कर रही है, वह पहले भी किया जा सकता था। लेकिन उस समय की सरकारों के पास इसके लिए फुर्सत नहीं थी। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार भाई-भतीजावाद में फंसी हुई थी और उसे आम लोगों की समस्याओं और विकास की उतनी चिंता नहीं थी।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने बिना नाम लिए अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा कि कुछ लोग जीवनभर बच्चे ही बने रहते हैं। उन्होंने अखिलेश यादव को लेकर कहा कि ‘बबुआ’ दोपहर करीब 12 बजे सोकर उठते थे, दो बजे तक तैयार होते थे और शाम पांच बजे जिम जाने का समय हो जाता था। इसके बाद सात बजे के बाद महफिल सज जाती थी। सीएम योगी ने इसी अंदाज में आरोप लगाया कि जब नेतृत्व के पास प्रदेश और जनता के लिए समय ही नहीं होगा तो फिर राज्य के विकास के बारे में कैसे सोचा जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में उनकी सरकार आने से पहले कानून-व्यवस्था की स्थिति भी खराब थी। उन्होंने पिछली सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि उस समय दंगे होते थे और कई-कई महीनों तक कर्फ्यू की स्थिति रहती थी। उन्होंने इंसेफेलाइटिस और डेंगू से होने वाली मौतों का भी जिक्र किया और कहा कि इन समस्याओं पर प्रभावी तरीके से काम नहीं किया गया।
सीएम योगी ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी पिछली सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों के बच्चे जिन बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में पढ़ते थे, वहां बुनियादी सुविधाओं का अभाव था। कई स्कूलों में न पर्याप्त शिक्षक थे, न ठीक भवन और न ही बच्चों के लिए शौचालय और पीने के पानी जैसी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध थीं।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार के कार्यकाल में बेसिक शिक्षा के क्षेत्र में किए गए बदलावों को गिनाया। उन्होंने कहा कि आज स्कूलों में बालक और बालिकाओं के लिए अलग-अलग शौचालय बनाए गए हैं। बच्चों के लिए पीने के पानी की व्यवस्था की गई है। सरकार की ओर से बच्चों को यूनिफॉर्म, बैग, किताबें, जूते-मोजे और स्वेटर जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब स्कूलों में बुनियादी सुविधाएं बेहतर होती हैं तो बच्चों के पढ़ाई के स्तर में भी बदलाव आता है। उन्होंने कहा कि आज किसी भी स्कूल में जाकर बच्चे से पाठ पढ़ने के लिए कहा जा सकता है और बच्चे बेहतर तरीके से पढ़कर सुना सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बदलाव तभी संभव होता है जब सरकार और उसके मंत्री जमीन पर जाकर स्थिति को देखें और अधिकारियों के साथ मिलकर काम करें।
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार के मंत्री और अधिकारी जिलों में जाकर विकास कार्यों की समीक्षा करते हैं। मुख्यमंत्री के मुताबिक, शासन का उद्देश्य केवल राजधानी में बैठकर योजनाएं बनाना नहीं है, बल्कि यह देखना भी है कि योजनाओं का फायदा आम लोगों तक पहुंच रहा है या नहीं।
सीएम योगी ने इसी दौरान समाजवादी पार्टी पर परिवारवाद और भ्रष्टाचार को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार में विकास से ज्यादा परिवार और अपने लोगों के हितों पर ध्यान दिया जाता था। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब सरकार में परिवारवाद हावी हो जाए तो फिर यह तय करने की होड़ लग जाती है कि कौन कितना फायदा उठा सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के दौरान महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े होते रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में आज कानून-व्यवस्था को लेकर स्थिति पहले से काफी बेहतर हुई है। उन्होंने अपनी सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि विकास, सुरक्षा और जनकल्याण को प्राथमिकता दी जा रही है। हथकरघा और कारीगरों को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ सरकार छोटे कारोबारियों और MSME सेक्टर को भी आर्थिक सुरक्षा देने की दिशा में काम कर रही है।
नेशनल हैंडलूम डे के मौके पर दिए गए मुख्यमंत्री के इस संबोधन में जहां बुनकरों और कारीगरों के लिए सरकार की योजनाओं का जिक्र रहा, वहीं राजनीतिक हमला भी काफी तीखा रहा। अखिलेश यादव पर ‘बबुआ’ वाली टिप्पणी के जरिए योगी ने सीधे तौर पर उनकी कार्यशैली और राजनीतिक प्राथमिकताओं पर सवाल उठाए।
अब मुख्यमंत्री के इस बयान पर समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है, यह देखना दिलचस्प होगा। चुनावी राजनीति के बीच नेताओं के ऐसे बयान अक्सर राजनीतिक बहस को और तेज कर देते हैं और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी बढ़ने की संभावना है।



