
Tamil Nadu Politics: तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा भूचाल आ गया है। भारतीय जनता पार्टी से इस्तीफा देने के तुरंत बाद पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने अपनी नई राजनीतिक पार्टी बनाने का ऐलान कर दिया है।
अन्नामलाई ने कहा कि उनकी नई पार्टी आगामी तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में मैदान में उतरेगी और इसके लिए अभी से संगठन तैयार किया जाएगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवकों से इस नए राजनीतिक आंदोलन से जुड़ने की अपील भी की।
‘सबसे बड़ी दुविधा थी- BJP या तमिल पहचान’
अपने संबोधन के दौरान अन्नामलाई ने एक भावुक टिप्पणी करते हुए कहा कि पिछले कुछ समय से वे एक बड़ी दुविधा में थे।
उन्होंने कहा, “मेरे लिए यह तय करना बेहद कठिन हो गया था कि मैं पहले बीजेपी का सदस्य हूं या एक तमिल हूं।”
अन्नामलाई के इस बयान को तमिलनाडु की क्षेत्रीय राजनीति और सांस्कृतिक पहचान से जोड़कर देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यही विचारधारा अब उनकी नई राजनीतिक यात्रा का आधार बन सकती है।
6 महीने पहले ही दे दिया था इस्तीफे का संकेत
अन्नामलाई ने खुलासा किया कि उन्होंने 4 दिसंबर 2025 को ही पार्टी नेतृत्व को अपने इस्तीफे के बारे में बता दिया था।
उनके मुताबिक बीजेपी नेतृत्व ने उनसे अनुरोध किया था कि पहले चुनावी प्रक्रिया पूरी कर लें और उसके बाद अपने फैसले पर आगे बढ़ें। इसी कारण उन्होंने तत्काल पार्टी नहीं छोड़ी।
मोदी और बीजेपी नेतृत्व का जताया आभार
हालांकि पार्टी छोड़ने के बावजूद अन्नामलाई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी नेतृत्व के प्रति सम्मान व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि राजनीति में बिना किसी राजनीतिक पृष्ठभूमि के आने के बावजूद बीजेपी ने उन्हें बड़ी जिम्मेदारियां सौंपीं। इसके लिए वे पार्टी नेतृत्व के आभारी रहेंगे।
अन्नामलाई ने कहा कि पिछले 18 महीनों में उन्होंने पार्टी नेतृत्व के साथ कई मुद्दों पर शांतिपूर्ण और गंभीर चर्चा की थी।
तीन-भाषा नीति को लेकर भी था मतभेद
अन्नामलाई ने स्वीकार किया कि कुछ मुद्दों पर उनके विचार बीजेपी से अलग थे।
उन्होंने कहा कि यदि किसी विषय पर उनके विचार पार्टी की आधिकारिक लाइन से अलग होंगे तो वे हमेशा खुलकर अपनी बात रखते रहेंगे। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि तीन-भाषा नीति को लेकर उन्होंने बीजेपी में रहते हुए भी अपनी असहमति सार्वजनिक रूप से जताई थी।
अमित शाह से मुलाकात के बाद लिया अंतिम फैसला
अन्नामलाई ने बताया कि इस्तीफा देने से पहले उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी।
उन्होंने कहा, “मैं उन लोगों में से नहीं हूं जो दूर बैठकर ईमेल या पत्र भेजकर इस्तीफा दे देते हैं। मैंने पार्टी नेतृत्व से आमने-सामने बातचीत की, अपनी चिंताएं रखीं और उसके बाद सम्मानजनक तरीके से अलग होने का फैसला लिया।”
कौन हैं के. अन्नामलाई?
के. अन्नामलाई का जन्म 4 जून 1984 को तमिलनाडु के करूर जिले में हुआ था। उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद IIM लखनऊ से MBA किया।
इसके बाद वे 2011 बैच के कर्नाटक कैडर के IPS अधिकारी बने। पुलिस सेवा में रहते हुए उनकी छवि एक ईमानदार और सख्त अधिकारी की रही।
साल 2019 में उन्होंने IPS सेवा से इस्तीफा देकर राजनीति में प्रवेश किया और 2020 में बीजेपी जॉइन की। महज एक साल के भीतर उन्हें तमिलनाडु बीजेपी का प्रदेश अध्यक्ष बना दिया गया।
उनकी “एन मन्न, एन मक्कल” यात्रा, भ्रष्टाचार के खिलाफ आक्रामक अभियान और युवाओं के बीच लोकप्रियता ने उन्हें राज्य की राजनीति में एक बड़ा चेहरा बना दिया।
Tamil Nadu Politics: तमिलनाडु बीजेपी को बड़ा झटका, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अन्नामलाई ने छोड़ी पार्टी
तमिलनाडु की राजनीति में क्या बदल सकता है?
अन्नामलाई का नई पार्टी बनाने का फैसला तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव ला सकता है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि अन्नामलाई अपनी लोकप्रियता को संगठनात्मक ताकत में बदलने में सफल रहे, तो वे राज्य की राजनीति में एक नए विकल्प के रूप में उभर सकते हैं।
अब सभी की नजरें उनकी नई पार्टी के नाम, विचारधारा और आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति पर टिकी हैं।
Written By: Ekta Verma



