मजदूर की मौत के बाद सूचना न देने पर भड़का परिवार, सड़क पर उतरे परिजन; कई घंटे तक लगा जाम

The family, enraged by the lack of information about the worker's death, took to the streets, causing traffic jams that lasted for several hours.

कर्नलगंज थाना क्षेत्र के रहने वाले दो मजदूरों की करंट लगने से मौत के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर परिजनों में भारी नाराजगी देखने को मिली। आरोप है कि घटना दोपहर करीब एक बजे हुई, लेकिन मृतकों के परिवार को इसकी सूचना समय पर नहीं दी गई। इससे आक्रोशित परिजनों और स्थानीय लोगों ने सड़क पर उतरकर चक्का जाम कर दिया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।मृतक की पहचान रमेश सोनकर उर्फ बच्चा सोनकर (55) निवासी ममफोर्डगंज, थाना कर्नलगंज और दूसरे की पहचान दिनेश भारती (55) के रूप में हुई है। रमेश सोनकर के परिजनों ने बताया कि रमेश बढ़ई का काम करता था।बताया जा रहा है कि दोनों मजदूरी का काम करते थे और घटना के समय एक मकान में कार्य कर रहे थे।
सूरज पटेल के घर पर कर रहे थे काम
जानकारी के अनुसार, रमेश सोनकर और दिनेश भारती को सूरज पटेल के घर पर काम के लिए लगाया गया था। इसी दौरान दोपहर करीब एक बजे हादसा हो गया, जिसमें दोनों की जान चली गई। परिजनों का आरोप है कि घटना के बाद पुलिस ने शव को लावारिस की श्रेणी में रख दिया और परिवार को तत्काल सूचना देने की जहमत नहीं उठाई। इस वजह से परिजन घंटों तक अपने रिश्तेदार की तलाश करते रहे। इस पर पुलिस प्रशासन कहना था कि पहले शिनाक्त कि गई फिर उसके बाद परिवार वालों को इन दोनों की मौत की सूचना दी गई। मृतक रमेश सोनकर की पत्नी कुसुम सोनकर ने बताया कि उनके पति की मौत दोपहर में हो गई थी, लेकिन उन्हें इसकी जानकारी शाम करीब छह बजे दी गई। उनका कहना है कि यदि समय रहते सूचना दी जाती तो परिवार को इतनी परेशानी और मानसिक पीड़ा नहीं झेलनी पड़ती। उन्होंने पुलिस पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की जांच कराने की मांग की।

रमेश की पत्नी कुसुम

शव को रख कर दिया चक्काजाम
घटना की जानकारी मिलने के बाद परिवार के सदस्य, रिश्तेदार और मोहल्ले के लोग बड़ी संख्या में एकत्र हो गए। नाराज लोगों ने सड़क पर चक्का जाम कर दिया, जिससे यातायात व्यवस्था प्रभावित हो गई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि पुलिस ने संवेदनशीलता नहीं दिखाई और मृतकों के परिजनों को समय पर सूचना न देकर अपनी जिम्मेदारी से मुंह मोड़ लिया। मौके पर पहुंची पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने लोगों को समझाने का प्रयास किया। काफी देर तक चले हंगामे के बाद अधिकारियों के आश्वासन पर स्थिति सामान्य हो सकी। पुलिस ने परिजनों को उचित कार्रवाई का भरोसा दिया है।

घटना पर मौजूद पुलिस बल

बीएनएसएस की धारा 103 के तहत मुकदमा दर्ज
इस मामले में पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया है। कर्नलगंज थाना प्रभारी विमला किशोर मिश्रा ने बताया कि पिंटू पटेल और विक्की के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएसएस) की धारा 103 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है। घटना के बाद क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि किसी भी हादसे के बाद सबसे पहली जिम्मेदारी मृतक के परिवार को तत्काल सूचना देने की होती है, लेकिन पुलिस वालों ने सूचना परिजानों को सूचना न देकर लाश को लावारिस की श्रेणी में कर दिया जिससे पुलिस कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे है। ऐसे मामलों में संवेदनशीलता और तत्परता बरतना आवश्यक है, ताकि पीड़ित परिवार को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।

 

चक्काजाम के चलते रास्ता बदलते लोग

रिपोर्ट : आकाश त्रिपाठी

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