आए गए रघुनंदन’ और ‘आजु मिथिला नगरिया की भक्ति धुनों पर झूमे श्रोता

The audience swayed to the devotional melodies of ‘Aaye Gaye Raghunandan’ and ‘Aaju Mithila Nagariya’.

दीपावली के उल्लास के बीच लोकसंस्कृति के रंग और सुरों की मिठास ने दीपावली शिल्प मेले की सांस्कृतिक संध्या को यादगार बना दिया। उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से आयोजित दीपावली शिल्प मेले में शनिवार को लोकगीत, भक्ति संगीत और पारंपरिक लोकनृत्यों की शानदार प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि नीरज त्रिपाठी, वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व अपर महाधिवक्ता, केंद्र के उपनिदेशक डॉ. मुकेश उपाध्याय तथा सलाहकार कल्पना सहाय ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
लोकगायिका शाम्भवी ने अपनी मधुर आवाज में ‘निमिया के डाढ़ मइया’, ‘जगदंबा घर में दियरा’, ‘हे दुख भंजन’, ‘आए गए रघुनंदन’, ‘आजु मिथिला नगरिया’ और ‘वीर हनुमाना’ जैसे लोकगीतों एवं भजनों की प्रस्तुति देकर श्रोताओं की खूब तालियां बटोरीं।
इसके बाद दुर्गेश यदुवंशी एवं साथी कलाकारों ने पारंपरिक वेशभूषा में ढोल, बांसुरी और टिमकी की थाप पर गेड़ी नृत्य एवं शैला नृत्य प्रस्तुत किया। लोकनृत्यों की आकर्षक भाव-भंगिमाओं और ऊर्जावान अंदाज ने दर्शकों को खूब आकर्षित किया।
हरिशंकर एवं दल ने लोकशैली में ‘मीरीच वध’ तथा ‘रामायण ले मां के चरणों में नमन है’ की प्रस्तुति दी। वहीं, हरपाल नाथ एवं दल ने पारंपरिक बीन वादन से सांस्कृतिक संध्या में लोकसंगीत की अनूठी छटा बिखेरी।
संगत कलाकारों में तबले पर शुभम पटवा, हारमोनियम पर सूरज कुशवाहा, कीबोर्ड पर अखिलेश तथा ढोलक पर ऋषि ने साथ दिया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. आभा मधुर ने किया।
दीपावली शिल्प मेले की अगली सांस्कृतिक संध्या में रविवार को फिल्म ‘हनुमान अंश’ फेम गायक सुनील लोधी अपनी गायकी से समां बांधेंगे।

रिपोर्ट: आकाश त्रिपाठी

Show More

Related Articles

Back to top button