
Technology News-स्मार्टवॉच और वियरेबल डिवाइस के क्षेत्र में Samsung लगातार नई तकनीक विकसित कर रही है। इसी कड़ी में कंपनी अपनी Galaxy Watch और Galaxy Ring के स्लीप एपनिया डिटेक्शन फीचर को और बेहतर बनाने जा रही है। नए अपग्रेड में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद ली जाएगी। इससे नींद के दौरान सांस लेने में होने वाली रुकावटों की पहचान पहले से बेहतर तरीके से की जा सकेगी।
इस तकनीक की खासियत यह है कि यूजर्स को केवल स्लीप एपनिया के संभावित संकेतों की जानकारी ही नहीं मिलेगी, बल्कि सांसों में रुकावट कितनी बार आ रही है, इसका भी आकलन किया जा सकेगा।
AI तकनीक से मिलेगी सांसों की रुकावट की जानकारी
Samsung ने पहली बार Galaxy Watch 4 के साथ स्लीप एपनिया डिटेक्शन की सुविधा पेश की थी। अब कंपनी इसके नए संस्करण में AI आधारित एल्गोरिदम शामिल कर रही है।
यह तकनीक सोते समय सांस लेने के पैटर्न पर नजर रखेगी। इसके बाद सांसों में आने वाली रुकावटों की संख्या और आवृत्ति का विश्लेषण किया जाएगा। इसी आधार पर संभावित संकेतों को अलग-अलग श्रेणियों में रखा जाएगा।
नए सिस्टम में माइल्ड, ऑकेजनल और फ्रीक्वेंट जैसी तीन श्रेणियों के माध्यम से यूजर को जानकारी मिलेगी। इससे उन्हें रातभर सांस लेने के पैटर्न में होने वाले बदलावों को समझने में मदद मिल सकती है।
कैसे काम करेगा Samsung का Sleep Apnea फीचर?
इस सुविधा का इस्तेमाल करने के लिए यूजर्स को कुछ जरूरी शर्तें पूरी करनी होंगी। Samsung के अनुसार, संबंधित डिवाइस को रात में सोते समय कम से कम पांच घंटे तक पहनना जरूरी होगा।
इसके अलावा, 10 दिनों की अवधि के भीतर कम से कम दो रातों तक इस तरह की निगरानी करनी होगी। पर्याप्त डेटा मिलने के बाद डिवाइस नींद के दौरान सांस लेने के पैटर्न का विश्लेषण करके रिपोर्ट तैयार करेगा।
AI एल्गोरिदम इस डेटा के आधार पर सांसों में रुकावट के संभावित संकेतों की पहचान करेगा। इससे यूजर्स को अपनी नींद और सांस लेने से जुड़ी स्थिति के बारे में पहले से अधिक जानकारी मिल सकेगी।
किन Samsung डिवाइस में मिलेगा यह फीचर?
कंपनी की योजना के मुताबिक, नए AI आधारित स्लीप एपनिया फीचर को सबसे पहले दक्षिण कोरिया में नवंबर से उपलब्ध कराया जाएगा।
शुरुआती चरण में इसे Galaxy Watch Ultra 2, Galaxy Watch 9 सीरीज और Galaxy Ring के लिए जारी किया जाएगा। इसके बाद Wear OS 7.0 या उससे नए वर्जन पर चलने वाली Galaxy Watch 7 और Watch 8 सीरीज में भी भविष्य के फर्मवेयर अपडेट के माध्यम से यह सुविधा पहुंचाई जाएगी।
क्या डॉक्टर की जांच की जरूरत नहीं पड़ेगी?
Samsung का यह फीचर स्वास्थ्य संबंधी निगरानी को आसान बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हालांकि, कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह तकनीक मेडिकल जांच या डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं है।
यह सुविधा मुख्य रूप से उन लोगों के लिए तैयार की गई है, जिन्हें अभी तक स्लीप एपनिया की समस्या का निदान नहीं हुआ है। डिवाइस से मिलने वाले परिणामों को केवल शुरुआती संकेत के रूप में देखना चाहिए। किसी भी तरह की परेशानी या संदेह होने पर डॉक्टर से परामर्श लेना जरूरी है।
कुल मिलाकर, Samsung की नई AI तकनीक स्मार्टवॉच और स्मार्ट रिंग को स्वास्थ्य निगरानी के लिहाज से अधिक उपयोगी बनाने की दिशा में एक नया प्रयास है।
Read Also-N Biren Singh: बीरेन सिंह का आरोप- मुझे CM पद से हटाने के लिए BJP नेताओं ने रची थी साजिश



