
Dengue Symptoms: आमतौर पर माना जाता है कि नियमित व्यायाम करने, पौष्टिक भोजन खाने और अच्छी फिटनेस बनाए रखने वाले लोग गंभीर बीमारियों से सुरक्षित रहते हैं। लेकिन डेंगू के मामले में यह धारणा सही नहीं है। स्वस्थ और फिट व्यक्ति भी डेंगू वायरस की चपेट में आ सकता है और कुछ मामलों में बीमारी गंभीर रूप ले सकती है।
डेंगू संक्रमित मच्छर के काटने से फैलने वाला वायरल संक्रमण है। इसके सामान्य लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द तथा कमजोरी शामिल हैं। कुछ मरीजों में रक्तस्राव, शरीर में तरल पदार्थों की कमी और अन्य गंभीर जटिलताएं भी हो सकती हैं। इसलिए केवल अपनी फिटनेस के भरोसे रहना ठीक नहीं है। लक्षण दिखाई देने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
हेल्दी रहने के बावजूद गंभीर डेंगू क्यों हो सकता है?
डेंगू होने का मुख्य कारण संक्रमित मच्छर का काटना है। अच्छी इम्यूनिटी और नियमित एक्सरसाइज शरीर को स्वस्थ रखने में मदद कर सकती हैं, लेकिन ये डेंगू संक्रमण से पूरी तरह सुरक्षा नहीं देतीं।
डेंगू वायरस के चार प्रमुख सीरोटाइप माने जाते हैं। किसी एक सीरोटाइप से संक्रमित होने के बाद व्यक्ति दूसरे सीरोटाइप से भी संक्रमित हो सकता है। पहले डेंगू हो चुका हो और बाद में दूसरे सीरोटाइप से संक्रमण हो, तो कुछ परिस्थितियों में गंभीर बीमारी का जोखिम बढ़ सकता है।
हालांकि, हर दोबारा होने वाला संक्रमण गंभीर नहीं होता। बीमारी की गंभीरता कई कारकों पर निर्भर करती है। इसलिए स्वस्थ दिखने वाले व्यक्ति को भी लक्षणों और बीमारी के चेतावनी संकेतों पर ध्यान देना चाहिए।
डेंगू के सामान्य लक्षण क्या हैं?
डेंगू के लक्षण संक्रमित मच्छर के काटने के कुछ दिनों बाद दिखाई दे सकते हैं। सामान्य तौर पर इनमें शामिल हैं:
- अचानक तेज बुखार आना।
- तेज सिरदर्द होना।
- आंखों के पीछे दर्द महसूस होना।
- मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द।
- मतली या उल्टी होना।
- त्वचा पर लाल चकत्ते दिखाई देना।
- अत्यधिक थकान और कमजोरी महसूस होना।
इन लक्षणों का मतलब हमेशा डेंगू होना नहीं है, क्योंकि कई अन्य संक्रमणों में भी ऐसी परेशानियां हो सकती हैं। सही कारण जानने के लिए डॉक्टर की सलाह और जरूरत के अनुसार जांच कराना जरूरी है।
बुखार उतरने के बाद भी क्यों रहना चाहिए सतर्क?
डेंगू में एक महत्वपूर्ण बात यह है कि गंभीर स्थिति के संकेत कई बार बुखार कम होने के आसपास या उसके बाद दिखाई दे सकते हैं। इसलिए बुखार उतरने को पूरी तरह ठीक होने का प्रमाण नहीं मानना चाहिए।
कुछ चेतावनी संकेत ऐसे हैं, जिनके दिखाई देने पर तुरंत अस्पताल जाना चाहिए:
- पेट में तेज या लगातार दर्द।
- लगातार उल्टी होना।
- नाक या मसूड़ों से खून आना।
- उल्टी या मल में खून दिखाई देना।
- बहुत ज्यादा बेचैनी, सुस्ती या कमजोरी।
- सांस लेने में परेशानी।
- त्वचा का ठंडा पड़ना या मरीज की हालत तेजी से बिगड़ना।
ये गंभीर डेंगू के संकेत हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में घरेलू उपचार के भरोसे इंतजार न करें और तुरंत चिकित्सा सहायता लें।
डेंगू से बचने के लिए अपनाएं ये उपाय
डेंगू से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका मच्छरों के काटने से बचना और उनके प्रजनन को रोकना है। इसके लिए घर और आसपास साफ-सफाई रखना जरूरी है।
1. पानी जमा न होने दें
कूलर, गमले, बाल्टियां, पुराने टायर और अन्य बर्तनों में पानी जमा न होने दें। पानी रखने वाले बर्तनों को नियमित रूप से साफ करें और ढककर रखें।
2. मच्छरों से बचाव करें
पूरी बांह के कपड़े पहनें और जरूरत के अनुसार मच्छर भगाने वाली क्रीम या लोशन का इस्तेमाल करें। बच्चों और बड़ों, दोनों के लिए उपयुक्त उत्पाद चुनें और उसके निर्देशों का पालन करें।
3. घर में मच्छरों की एंट्री रोकें
खिड़कियों और दरवाजों पर जाली लगाएं। जरूरत पड़ने पर मच्छरदानी का इस्तेमाल करें। याद रखें कि डेंगू फैलाने वाले एडीज मच्छर दिन के समय भी सक्रिय रहते हैं।
4. कूलर और पानी की टंकियों की सफाई करें
कूलर का पानी नियमित रूप से बदलें और पानी जमा करने वाले स्थानों की सफाई करें। पानी की टंकियों और अन्य कंटेनरों को अच्छी तरह ढककर रखें।
5. बुखार होने पर लापरवाही न करें
तेज बुखार या डेंगू जैसे लक्षण होने पर डॉक्टर से संपर्क करें। बिना चिकित्सकीय सलाह के दवाएं न लें। खासतौर पर एस्पिरिन और आइबुप्रोफेन जैसी दवाएं डेंगू में रक्तस्राव का जोखिम बढ़ा सकती हैं। बुखार के लिए दवा लेने से पहले डॉक्टर से सलाह लें।
डेंगू होने पर मरीज की देखभाल कैसे करें?
डेंगू के संदिग्ध या पुष्ट मामले में पर्याप्त तरल पदार्थ लेना और चिकित्सकीय सलाह का पालन करना महत्वपूर्ण है। मरीज को आराम दें और डॉक्टर के बताए अनुसार उसकी स्थिति पर नजर रखें।
यदि लगातार उल्टी हो रही हो, मरीज पर्याप्त तरल पदार्थ न पी पा रहा हो या ऊपर बताए गए चेतावनी संकेत दिखाई दें, तो तुरंत अस्पताल जाएं। प्लेटलेट्स की संख्या अकेले बीमारी की गंभीरता तय नहीं करती; मरीज के लक्षण, शारीरिक स्थिति और चिकित्सकीय जांच भी महत्वपूर्ण हैं।
फिटनेस के साथ मच्छरों से बचाव भी जरूरी
डेंगू किसी भी व्यक्ति को हो सकता है, चाहे वह नियमित व्यायाम करता हो या सामान्य दिनचर्या अपनाता हो। अच्छी सेहत बनाए रखना जरूरी है, लेकिन इससे मच्छरों के काटने का जोखिम खत्म नहीं होता।
घर के आसपास पानी जमा न होने देना, मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाना और लक्षणों को समय पर पहचानना डेंगू से सुरक्षा के महत्वपूर्ण कदम हैं। बुखार कम होने के बाद भी यदि मरीज की हालत बिगड़ती है, तो इसे नजरअंदाज न करें और तत्काल चिकित्सा सहायता लें।



