
Bihar Politics: बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सरकारी आवास को लेकर चल रहा विवाद अब पूरी तरह राजनीतिक रंग ले चुका है। एक तरफ राबड़ी देवी ने आवास खाली करने से इनकार कर दिया है, तो दूसरी तरफ लालू परिवार की सुरक्षा में कटौती के फैसले ने सियासी तापमान और बढ़ा दिया है। इसी मुद्दे पर बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और एनडीए सरकार पर तीखा हमला बोला है।
सुरक्षा में कटौती पर क्या बोले तेजस्वी?
लालू-राबड़ी परिवार की सुरक्षा कम किए जाने के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि उन्हें किसी प्रकार का डर नहीं है।
उन्होंने कहा,
“जिन्हें डर लगता है, उन्होंने सुरक्षा ले रखी है। हमें किसी बात का डर नहीं है। जनता हमारे साथ है और हमारे कार्यकर्ता बहादुर हैं। सही समय आने पर हर बात का जवाब दिया जाएगा।”
तेजस्वी के इस बयान को सीधे तौर पर राज्य सरकार पर राजनीतिक हमला माना जा रहा है।
‘सम्राट चौधरी चीफ मिनिस्टर नहीं, चीप मिनिस्टर हैं’
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर निशाना साधते हुए तेजस्वी यादव ने बेहद तीखी टिप्पणी की।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद भी सम्राट चौधरी की सोच नहीं बदली है।
तेजस्वी ने कहा,
“सम्राट चौधरी भले ही मुख्यमंत्री बन गए हों, लेकिन वे चीफ मिनिस्टर नहीं, चीप मिनिस्टर हैं। बिहार में भ्रष्टाचार, पेपर लीक, बेरोजगारी और महंगाई जैसे गंभीर मुद्दे हैं, लेकिन सरकार इनसे ध्यान भटकाने के लिए लालू परिवार को निशाना बना रही है।”
‘मोदी और शाह को संदेश देना चाहते हैं सम्राट’
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि राबड़ी देवी को बंगला खाली करने का नोटिस भेजना और सुरक्षा में कटौती करवाना एक राजनीतिक संदेश देने की कोशिश है।
उन्होंने कहा,
“सम्राट चौधरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को यह संदेश देना चाहते हैं कि पहले हम लालू जी की पाठशाला में थे, लेकिन अब आपकी पाठशाला में आ गए हैं।”
तेजस्वी ने यह भी दावा किया कि मुख्यमंत्री जनता के मुद्दों पर काम करने के बजाय राजनीतिक दिखावे में व्यस्त हैं।
‘सिलेक्टेड मुख्यमंत्री हैं, इलेक्टेड नहीं’
अपने हमले को और तेज करते हुए तेजस्वी यादव ने सम्राट चौधरी को “सिलेक्टेड मुख्यमंत्री” बताया।
उन्होंने कहा,
“सम्राट चौधरी कोई इलेक्टेड मुख्यमंत्री नहीं हैं, बल्कि सिलेक्टेड मुख्यमंत्री हैं। सरकारी खजाना खाली है। महिलाओं, युवाओं और बेरोजगारों के लिए सरकार के पास कोई ठोस योजना नहीं है। इसलिए जनता का ध्यान भटकाने के लिए सिर्फ लालू परिवार को निशाना बनाया जा रहा है।”
क्या है पूरा विवाद?
दरअसल, राबड़ी देवी को आवंटित सरकारी आवास को लेकर पिछले कुछ समय से विवाद चल रहा है। सरकार की ओर से आवास खाली करने की प्रक्रिया शुरू किए जाने की खबरों के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।
इसी बीच लालू परिवार की सुरक्षा व्यवस्था में कटौती की खबर सामने आई, जिसके बाद राष्ट्रीय जनता दल ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया। वहीं सरकार का कहना है कि सुरक्षा और आवास से जुड़े फैसले नियमों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के तहत लिए जा रहे हैं।
बिहार की राजनीति में बढ़ सकती है टकराव की स्थिति
राबड़ी आवास विवाद और सुरक्षा कटौती का मामला आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति का बड़ा मुद्दा बन सकता है। विधानसभा चुनावों से पहले आरजेडी और एनडीए के बीच आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।
फिलहाल दोनों पक्ष अपने-अपने दावों पर कायम हैं, लेकिन यह विवाद बिहार की सियासत में नई बहस जरूर खड़ी कर चुका है।
राबड़ी देवी के सरकारी आवास और लालू परिवार की सुरक्षा में कटौती को लेकर बिहार की राजनीति गरमा गई है। तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर तीखे हमले करते हुए इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताया है। अब देखना होगा कि यह विवाद प्रशासनिक फैसले तक सीमित रहता है या आने वाले चुनावों में बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन जाता है।
Written By: Ekta Verma



