
PoK Protest : पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित हिंसक कार्रवाई को लेकर भारत ने पाकिस्तान की कड़ी आलोचना की है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने कहा कि इस्लामाबाद अपनी नाकामियों और मानवाधिकार उल्लंघनों से ध्यान हटाने के लिए फर्जी खबरों और भ्रामक वीडियो का सहारा ले रहा है।
मंगलवार को आयोजित साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि PoK में हालात चिंताजनक हैं और वहां प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस की बर्बर कार्रवाई की खबरें सामने आ रही हैं।
उन्होंने कहा, “पाकिस्तान से लगातार फर्जी खबरें और वीडियो प्रसारित किए जा रहे हैं। यह अपनी विफलताओं को छिपाने और मानवाधिकार उल्लंघनों से ध्यान भटकाने की एक हताश कोशिश है।”
प्रदर्शनकारियों की मौत और कई घायल
रिपोर्टों के अनुसार, PoK के विभिन्न क्षेत्रों में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हुई झड़पों में 20 से अधिक लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। इन घटनाओं के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग और कथित दमनकारी कार्रवाई गंभीर चिंता का विषय है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी इस मामले पर ध्यान देने और पाकिस्तान को उसके कथित कृत्यों के लिए जवाबदेह ठहराने की अपील की।
किन मुद्दों को लेकर हो रहा है विरोध?
बताया जा रहा है कि PoK में लंबे समय से आर्थिक संकट, महंगाई, बिजली दरों में बढ़ोतरी और आवश्यक वस्तुओं की कमी को लेकर लोगों में असंतोष बढ़ रहा है। इसके अलावा प्रशासनिक फैसलों और आरक्षित विधायी सीटों के आवंटन को लेकर भी विरोध प्रदर्शन तेज हुए हैं।
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, बढ़ते विरोध को नियंत्रित करने के लिए पाकिस्तानी प्रशासन ने अर्धसैनिक बलों की तैनाती की थी। इसके बाद कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हिंसक झड़पें हुईं, जिनमें जान-माल का नुकसान हुआ।
भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से की अपील
भारत ने कहा कि PoK में सामने आ रही घटनाएं गंभीर मानवाधिकार चिंताओं को जन्म देती हैं। विदेश मंत्रालय का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इन घटनाओं पर नजर रखनी चाहिए और पाकिस्तान को कथित मानवाधिकार उल्लंघनों के लिए जवाबदेह बनाना चाहिए।
PoK में जारी विरोध-प्रदर्शन और सुरक्षा बलों के साथ टकराव ने क्षेत्र की स्थिति को और संवेदनशील बना दिया है। आने वाले दिनों में हालात किस दिशा में जाते हैं, इस पर क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नजर बनी हुई है।



