
Sonbhadra News: समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव चौधरी यशवंत सिंह ने जिले में बालू और पत्थर खनन कारोबार को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि सोनभद्र में खनन माफियाओं का वर्चस्व लगातार बढ़ता जा रहा है और यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगी तो खनन क्षेत्रों में कभी भी खूनी संघर्ष की स्थिति पैदा हो सकती है।
प्रेस को जारी बयान में चौधरी यशवंत सिंह ने कहा कि पूर्व की सरकारों में जिन किसानों और भूमिधरों की जमीनों में सैंड मिनरल पाया जाता था, उन्हें निर्धारित शर्तों के तहत खनन की अनुमति दी जाती थी। इससे सरकार को राजस्व प्राप्त होता था और स्थानीय किसानों को भी आर्थिक लाभ मिलता था। लेकिन वर्तमान सरकार की नई खनन नीति ने स्थानीय काश्तकारों का अधिकार छीनकर बड़े खनन कारोबारियों और कथित माफियाओं को सौंप दिया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान समय में सोनभद्र के खनन क्षेत्र पर कुछ प्रभावशाली लोगों का कब्जा हो गया है। सपा नेता ने दावा किया कि सत्ता के करीबी बताए जाने वाले विनीत सिंह और बृजेश सिंह ने अपने सहयोगियों के माध्यम से जिले के अधिकांश खनन कारोबार पर नियंत्रण स्थापित कर लिया है।
चौधरी यशवंत सिंह के अनुसार हाल के वर्षों में निकाले गए खनन टेंडरों में इन्हीं लोगों से जुड़े व्यक्तियों की भागीदारी रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जो भी व्यवसायी उनके साथ साझेदारी करने से इनकार करता है, उसके टेंडर की बोली को प्रभावित कर आर्थिक रूप से कमजोर करने की कोशिश की जाती है, ताकि खनन पट्टे अपने पक्ष में लिए जा सकें।
सपा नेता ने यह भी दावा किया कि कुछ पुराने खनन व्यवसायियों को धमकियां दी गई हैं और उन्हें कारोबार छोड़ने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस तरह का माहौल जिले में भय और असुरक्षा की स्थिति पैदा कर रहा है।
उन्होंने खनन टेंडरों की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि हाल ही में खनिज पट्टों के आवंटन को लेकर हुई कथित अनियमितताओं पर इलाहाबाद हाईकोर्ट को हस्तक्षेप करना पड़ा था। उनके मुताबिक अदालत द्वारा संबंधित प्रक्रिया को निरस्त किया जाना इस बात का संकेत है कि खनन व्यवस्था में गंभीर खामियां मौजूद हैं।
चौधरी यशवंत सिंह ने मांग की कि खनन कारोबार में कथित रूप से सक्रिय लोगों की प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत जांच कराई जाए, ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके।
हालांकि, इन आरोपों पर विनीत सिंह, बृजेश सिंह अथवा प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
रिपोर्ट :- रवि पाण्डेय ,सोनभद्र



