
प्रयागराज। शहर में गर्मी ने अपने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। पिछले तीन दिनों से तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। भीषण गर्मी के साथ उमस और लू ने आम जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। सड़कों पर दोपहर के समय सन्नाटा पसरा नजर आता है, वहीं लोग जरूरी कामों के लिए ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। लेकिन इस भीषण गर्मी का असर केवल इंसानों तक सीमित नहीं है, बल्कि शहर की हरियाली भी इसकी चपेट में आ गई है।
स्मार्ट सिटी के तहत शहर के वातावरण को शुद्ध और सुंदर बनाने के उद्देश्य से नगर निगम द्वारा विभिन्न स्थानों पर क्यारियों में पौधे लगाए गए थे। इन पौधों से न केवल शहर की सुंदरता बढ़नी थी, बल्कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में भी मदद मिलनी थी। हालांकि, वर्तमान हालात कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं। नगर निगम की अनदेखी और लापरवाही के चलते ये पौधे अब पूरी तरह सूख चुके हैं और कई स्थानों पर क्यारियां वीरान दिखाई दे रही हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि शुरुआत में पौधारोपण के दौरान काफी उत्साह दिखाया गया था, लेकिन बाद में इनकी देखरेख पर ध्यान नहीं दिया गया। नियमित रूप से पानी न मिलने और उचित संरक्षण के अभाव में पौधे धीरे-धीरे मुरझाने लगे और अब उनकी हालत बेहद खराब हो चुकी है। कई जगहों पर पौधे पूरी तरह से निर्जीव हो गए हैं, जिससे नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। गौरतलब है कि गर्मी के इस मौसम में पौधों को विशेष देखभाल की आवश्यकता होती है। तेज धूप और लू के कारण मिट्टी की नमी तेजी से खत्म हो जाती है, जिससे पौधों को पर्याप्त पोषण नहीं मिल पाता।
ऐसे में समय-समय पर सिंचाई और देखरेख बेहद जरूरी होती है। लेकिन नगर निगम द्वारा इस दिशा में कोई ठोस कदम उठाते नहीं दिखाई दे रहे हैं। इस संबंध में सीएमपी महाविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर विजय सिंह ने बताया कि इस समय पौधों की सुरक्षा और देखभाल सबसे अधिक जरूरी होती है। उन्होंने कहा कि अगर समय पर पानी और छायादार व्यवस्था न की जाए, तो पौधों का जीवित रहना मुश्किल हो जाता है। पर्यावरण विशेषज्ञों का भी मानना है कि शहरों में हरियाली को बनाए रखना बेहद आवश्यक है, खासकर तब जब तापमान लगातार बढ़ रहा हो।
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पेड़-पौधे न केवल वातावरण को शुद्ध करते हैं, बल्कि तापमान को नियंत्रित करने में भी अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे में यदि इनकी उपेक्षा की जाती है, तो इसका सीधा असर पर्यावरण और लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ता है। शहरवासियों ने नगर निगम से मांग की है कि वे इस समस्या को गंभीरता से लें और सूख चुके पौधों के स्थान पर नए पौधे लगाने के साथ-साथ उनकी उचित देखभाल की व्यवस्था भी सुनिश्चित करें। साथ ही नियमित रूप से पानी देने और निगरानी करने के लिए जिम्मेदार कर्मियों की तैनाती की जाए, ताकि स्मार्ट सिटी का सपना साकार हो सके और शहर की हरियाली बनी रहे।
रिपोर्ट- आकाश त्रिपाठी



