
National Political News: कांग्रेस पार्टी में एक बार फिर अंदरूनी मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक कूटनीतिक पहल की सराहना करने को लेकर कांग्रेस सांसद शशि थरूर और पार्टी के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा के बीच जुबानी जंग छिड़ गई है। दोनों नेताओं के बीच सोशल मीडिया पर हुए ताजा विवाद ने कांग्रेस के भीतर चल रही खींचतान को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है।
विवाद की शुरुआत उस समय हुई जब शशि थरूर ने G7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात का जिक्र करते हुए एक मुद्दे पर प्रधानमंत्री के रुख की सराहना की। थरूर ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय तनाव और संघर्ष के बीच समुद्री क्षेत्र में काम कर रहे आम नागरिकों और नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाना एक महत्वपूर्ण पहल थी।
थरूर के इस बयान के बाद कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने उन पर परोक्ष हमला बोलते हुए तंज कसा। खेड़ा ने सोशल मीडिया पर टिप्पणी करते हुए कहा कि कुछ लोग ऐसी बातें भी सुन लेते हैं जो आधिकारिक रूप से कही ही नहीं गईं। उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में थरूर की राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं पर भी सवाल उठाए।
थरूर ने तथ्यों के साथ दिया जवाब
पवन खेड़ा की टिप्पणी के बाद शशि थरूर ने भी जवाब देने में देर नहीं लगाई। उन्होंने एक मीडिया रिपोर्ट और उपलब्ध सार्वजनिक जानकारियों का हवाला देते हुए कहा कि संबंधित मुद्दे को वास्तव में उठाया गया था। थरूर ने यह भी कहा कि उन्होंने हमेशा तथ्यों के आधार पर अपनी बात रखी है और इस मामले में भी उनका रुख तथ्यों पर आधारित है।
थरूर ने अपने जवाब में यह संकेत भी दिया कि कुछ लोग गंभीर मानवीय मुद्दों को राजनीतिक नजरिए से देखने का प्रयास कर रहे हैं। उनका कहना था कि विदेशों में काम कर रहे भारतीय नागरिकों और नाविकों की सुरक्षा किसी भी राजनीतिक बहस से ऊपर का विषय है।
कांग्रेस के भीतर बढ़ रहे मतभेद?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद केवल एक बयान तक सीमित नहीं है, बल्कि कांग्रेस के भीतर विचारों के टकराव को भी दर्शाता है। एक तरफ शशि थरूर कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर अपेक्षाकृत स्वतंत्र राय रखने के लिए जाने जाते हैं, वहीं पार्टी के कुछ नेता उनके बयानों को संगठन की आधिकारिक लाइन से अलग मानते हैं।
पिछले कुछ समय में भी थरूर कई ऐसे मुद्दों पर अपनी अलग राय व्यक्त कर चुके हैं, जिससे पार्टी के भीतर असहजता देखने को मिली थी। ऐसे में ताजा विवाद ने कांग्रेस में नेतृत्व, विचारधारा और राजनीतिक रणनीति को लेकर चल रही बहस को फिर से हवा दे दी है।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज
इस पूरे घटनाक्रम के बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी तेज हो गई है कि कांग्रेस के भीतर नेताओं के बीच बढ़ती सार्वजनिक बयानबाजी पार्टी की एकजुटता पर क्या असर डालेगी। हालांकि पार्टी की ओर से इस विवाद पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन सोशल मीडिया पर दोनों नेताओं के समर्थकों के बीच बहस लगातार जारी है।
फिलहाल यह मामला केवल सोशल मीडिया तक सीमित है, लेकिन आने वाले दिनों में यह कांग्रेस की आंतरिक राजनीति में एक बड़ा मुद्दा बन सकता है।



