
Digital Payment Update: देश में डिजिटल भुगतान का सबसे लोकप्रिय माध्यम बन चुके UPI को लेकर एक बड़ा बदलाव सामने आ सकता है। केंद्र सरकार ने Payment and Settlement Systems Act, 2007 में संशोधन का प्रस्ताव रखा है। इसके बाद 3000 रुपये से अधिक के कुछ UPI भुगतान पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू करने का रास्ता खुल सकता है।
इस प्रस्ताव के बीच एक सर्वे में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। सर्वे के अनुसार, यदि MDR का बोझ ग्राहकों तक पहुंचता है तो 53 प्रतिशत UPI यूजर 3000 रुपये से अधिक के भुगतान के लिए UPI का इस्तेमाल बंद कर सकते हैं।
क्या है MDR?
मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) वह शुल्क होता है जो किसी डिजिटल भुगतान को प्रोसेस करने के बदले बैंक या पेमेंट सेवा प्रदाता को दिया जाता है। फिलहाल UPI भुगतान पर MDR नहीं लगता है, इसलिए यह ग्राहकों और व्यापारियों दोनों के लिए काफी लोकप्रिय है।
सरकार क्या बदलाव करने जा रही है?
संसद में पेश संशोधन प्रस्ताव के बाद सरकार को UPI भुगतान पर MDR लागू करने का कानूनी अधिकार मिल सकता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह शुल्क बड़े व्यापारियों और उच्च मूल्य वाले लेनदेन पर लगाया जा सकता है। हालांकि, अंतिम फैसला अभी नहीं हुआ है।
सर्वे में क्या सामने आया?
LocalCircles के सर्वे में देश के 322 जिलों से 45 हजार से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया। सर्वे के अनुसार:
- 53% लोग 3000 रुपये से अधिक के भुगतान पर UPI छोड़ सकते हैं।
- कई उपभोक्ता क्रेडिट कार्ड या अन्य डिजिटल विकल्पों की ओर जा सकते हैं।
- अतिरिक्त शुल्क लगने पर बड़े भुगतान में UPI का उपयोग घट सकता है।
क्या आम ग्राहकों पर पड़ेगा असर?
कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि MDR मुख्य रूप से व्यापारियों से लिया जाएगा। हालांकि, यदि व्यापारी यह लागत ग्राहकों पर डालते हैं तो सामान और सेवाओं की कीमतों पर असर पड़ सकता है। फिलहाल सरकार ने किसी शुल्क संरचना की आधिकारिक घोषणा नहीं की है।
UPI की लोकप्रियता पर पड़ सकता है असर
UPI भारत में सबसे तेजी से बढ़ने वाला डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म है। जुलाई 2026 में UPI के जरिए 23.6 अरब से अधिक लेनदेन हुए। ऐसे में किसी भी प्रकार का शुल्क लागू होने पर इसके उपयोग के पैटर्न में बदलाव देखने को मिल सकता है।
फिलहाल सरकार, RBI और पेमेंट इंडस्ट्री के बीच इस मुद्दे पर चर्चा जारी है। अंतिम फैसला आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि UPI उपयोगकर्ताओं और व्यापारियों पर इसका वास्तविक प्रभाव कितना पड़ेगा।



