Lucknow News : जैन संतों की मौत पर गंभीर हुए मंत्री नन्दी, सीएम मोहन यादव को लिखा पत्र

Lucknow News : रीवा में जैन संत आर्यिका माताजी की सड़क हादसे में मौत के मामले पर मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखकर निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।

Lucknow News : Nand Gopal Gupta Nandi ने मध्य प्रदेश के रीवा जिले में जैन संत आर्यिका माताजी के साथ हुई दर्दनाक घटना पर गंभीर चिंता जताई है। उत्तर प्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास मंत्री नन्दी ने Mohan Yadav को पत्र लिखकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।

मंत्री नन्दी ने कहा कि जैन संतों के साथ हुई यह घटना केवल एक समाज से जुड़ा विषय नहीं, बल्कि देश की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा अत्यंत गंभीर मामला है।

ललितपुर में जैन समाज ने सौंपा था ज्ञापन

मंत्री नन्दी ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि हाल ही में Lalitpur प्रवास के दौरान श्री देवगढ़ मैनेजिंग दिगम्बर जैन कमेटी और श्री दिगम्बर जैन समाज पंचायत समिति के प्रतिनिधियों ने उनसे मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा था।

ज्ञापन में बताया गया कि 20 मई की सुबह Rewa में आचार्य विद्यासागर महाराज की शिष्या पूज्य आर्यिका श्रुतमती माताजी और आर्यिका उपशममती माताजी पैदल विहार कर रही थीं। इसी दौरान पीछे से आए तेज रफ्तार वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी, जिससे दोनों संतों की मौके पर ही मौत हो गई।

SIT या न्यायिक जांच की मांग

जैन समाज की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में पूरे मामले की गहन और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है। साथ ही एसआईटी या न्यायिक जांच, सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने तथा दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग उठाई गई है।

इसके अलावा संत सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू करने की भी मांग की गई है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

“जैन संत अहिंसा और संयम के प्रतीक”

मंत्री नन्दी ने कहा कि जैन साधु-संतों का पैदल विहार उनकी सन्यास परंपरा का अभिन्न हिस्सा है। वे किसी भी प्रकार की सुरक्षा, वाहन या भौतिक सुविधाओं का उपयोग नहीं करते और पूर्णतः अहिंसक जीवन जीते हुए समाज को शांति, संयम और सदाचार का संदेश देते हैं।

उन्होंने कहा कि जैन मुनि और साध्वियां अहिंसा परमो धर्मः की महान परंपरा के ध्वजवाहक हैं। ऐसे शांतिप्रिय संतों के साथ हिंसक घटना होना बेहद चिंताजनक और दुखद है।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

मंत्री नन्दी ने कहा कि यात्रा के दौरान संतों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीरता से विचार किए जाने की आवश्यकता है। इस हादसे ने यह स्पष्ट कर दिया है कि विहार के दौरान सुरक्षा और निगरानी को और मजबूत करना होगा।

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