
International News: ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव एक बार फिर सुर्खियों में है। दक्षिणी ईरान के कई इलाकों में गुरुवार को अचानक हुए धमाकों ने पूरे क्षेत्र में चिंता बढ़ा दी। सबसे ज्यादा हलचल उस समय मची जब बुशहर न्यूक्लियर पावर प्लांट के आसपास भी विस्फोटों की खबर सामने आई। हालांकि, अमेरिकी रक्षा अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि हाल के घंटों में अमेरिकी सेना ने ईरान पर कोई नया हमला नहीं किया है। ऐसे में धमाकों की असली वजह को लेकर अभी भी स्थिति साफ नहीं हो सकी है।
बुशहर न्यूक्लियर प्लांट के पास धमाकों से बढ़ी चिंता
ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, बुशहर के अलावा कोनारक, चाबहार, बंदर अब्बास और चोगादक जैसे कई इलाकों में भी धमाकों की आवाजें सुनी गईं। इनमें सबसे अधिक चिंता बुशहर को लेकर जताई जा रही है क्योंकि यहां ईरान का एकमात्र सक्रिय परमाणु ऊर्जा संयंत्र स्थित है।
हालांकि, ईरानी प्रशासन ने अभी तक विस्फोटों के कारणों को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। सुरक्षा एजेंसियां पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटी हुई हैं।
अमेरिका ने हमले से किया साफ इनकार
धमाकों के बाद अमेरिका की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई। एक अमेरिकी रक्षा अधिकारी ने कहा कि बीते कुछ घंटों में अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई नहीं की है। इस बयान के बाद यह सवाल और गहरा गया है कि आखिर इन विस्फोटों के पीछे कौन जिम्मेदार है।
विश्लेषकों का मानना है कि जब तक जांच पूरी नहीं होती, तब तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
खामेनेई के अंतिम संस्कार में भी हुई गोलीबारी
इसी बीच ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के दौरान भी तनावपूर्ण स्थिति देखने को मिली। मशहद में अंतिम विदाई के दौरान कथित तौर पर गोलीबारी की घटना हुई, जिसमें बसीज बल के दो सदस्यों की मौत की खबर सामने आई। घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई।
ट्रंप और नेतन्याहू के बीच हुई अहम बातचीत
धमाकों और बढ़ते क्षेत्रीय तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच फोन पर बातचीत हुई। दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय सुरक्षा, खाड़ी क्षेत्र की स्थिति और आपसी रणनीतिक समन्वय पर चर्चा की।
बताया गया कि ट्रंप ने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका की मौजूदा गतिविधियों की जानकारी साझा की, जबकि नेतन्याहू ने इजरायल की सुरक्षा चुनौतियों और सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।
मध्य पूर्व में बढ़ रही है अनिश्चितता
दक्षिणी ईरान में हुए धमाके, बुशहर परमाणु संयंत्र के आसपास बढ़ी गतिविधियां, अंतिम संस्कार के दौरान हुई गोलीबारी और अमेरिका-इजरायल के शीर्ष नेतृत्व के बीच लगातार संपर्क इस बात का संकेत हैं कि मध्य पूर्व में हालात अभी भी बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। दुनिया की नजर अब ईरान की जांच रिपोर्ट और आने वाले आधिकारिक बयानों पर टिकी है।



