INDIA Bloc Rally: दिल्ली में INDIA गठबंधन की रैली को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम

INDIA Bloc Rally: 4 हजार पुलिसकर्मी और CAPF की 270 कंपनियां तैनात, 14 जोन में बांटा गया रामलीला मैदान।

INDIA Bloc Rally:  दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की रैली को देखते हुए राजधानी में सुरक्षा और यातायात के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, कार्यक्रम और मार्च के रास्ते पर 4,000 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। इसके अलावा केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की 270 कंपनियों की तैनाती भी सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा है।

रैली स्थल को सुरक्षा की दृष्टि से 14 जोन में बांटा गया है। निगरानी के लिए 200 से अधिक CCTV कैमरे लगाए गए हैं। पुलिस ने भीड़ प्रबंधन, प्रवेश व्यवस्था और आपात स्थिति से निपटने के लिए अलग-अलग स्तर पर तैयारियां की हैं। रैली में करीब 50 हजार लोगों के पहुंचने की संभावना जताई गई है, हालांकि मैदान की क्षमता और अन्य व्यवस्थाओं को देखते हुए पुलिस ने भीड़ का अलग अनुमान भी लगाया है।

पुलिस आयुक्त ने लिया सुरक्षा तैयारियों का जायजा

रैली से पहले पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार ने शनिवार को मिंटो रोड और रामलीला मैदान का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया। इस दौरान स्पेशल कमिश्नर, जॉइंट कमिश्नर और मध्य दिल्ली तथा नई दिल्ली जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे।

पुलिस अधिकारियों ने मार्च के रास्ते, कार्यक्रम स्थल और भीड़ के प्रवेश-निकास से जुड़े इंतजामों की समीक्षा की। अधिकारियों का उद्देश्य रैली के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ लोगों की आवाजाही को सुचारु रखना है।

14 जोन में बंटी सुरक्षा व्यवस्था

रामलीला मैदान में सुरक्षा प्रबंधन के लिए 14 जोन बनाए गए हैं। प्रत्येक जोन की निगरानी सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) स्तर के अधिकारी करेंगे। इनमें से दो जोन की देखरेख अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (Additional DCP) स्तर के अधिकारियों के जिम्मे होगी।

मैदान के भीतर एक कंट्रोल रूम भी बनाया गया है। किसी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए दंगा-रोधी वाहन और अन्य निगरानी उपकरण तैनात रहेंगे। वरिष्ठ अधिकारी पूरे इंतजाम पर नजर रखेंगे, ताकि किसी अप्रत्याशित स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।

CAPF की 270 कंपनियों की तैनाती 16 नवंबर तक बढ़ी

अधिकारियों के अनुसार, हाल के विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए इस महीने की शुरुआत में बुलाई गई CAPF की 270 कंपनियों की तैनाती को तीसरी बार बढ़ाया गया है। अब इनकी तैनाती 16 नवंबर तक जारी रहेगी।

सुरक्षाबलों की तैनाती केवल रामलीला मैदान तक सीमित नहीं होगी। मिंटो ब्रिज से रैली स्थल तक के मार्च रूट और आसपास के क्षेत्रों में भी पुलिस तथा केंद्रीय बल मौजूद रहेंगे। इसका उद्देश्य भीड़ को नियंत्रित करना और किसी भी तरह की कानून-व्यवस्था संबंधी समस्या से निपटना है।

प्रवेश द्वारों पर होगी जांच, क्षमता से अधिक भीड़ रोकने की तैयारी

रैली में आने वाले लोगों को निर्धारित गेटों से ही प्रवेश दिया जाएगा। प्रवेश से पहले मेटल डिटेक्टर के जरिए स्क्रीनिंग की व्यवस्था की गई है। पुलिस के अनुमान के अनुसार, मैदान में 45 हजार से 50 हजार लोग पहुंच सकते हैं, लेकिन कुर्सियों, घेरे और आवाजाही के रास्तों के लिए जगह छोड़ने के बाद वास्तविक भीड़ लगभग 30 हजार से 40 हजार के बीच रहने का अनुमान है।

यदि निर्धारित क्षमता से अधिक लोग पहुंचते हैं, तो उन्हें मैदान के बाहर तय स्थानों पर बैठाने की व्यवस्था की जाएगी। भगदड़ जैसी स्थिति से बचने के लिए अतिरिक्त जगह छोड़ी जाएगी। आयोजकों को भीड़ नियंत्रण और लोगों की आवाजाही संभालने के लिए स्वयंसेवकों की तैनाती करने के निर्देश दिए गए हैं।

सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक कार्यक्रम की अनुमति

पुलिस के मुताबिक, रैली के लिए सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक की अनुमति दी गई है। आयोजकों से पीने के पानी की व्यवस्था करने और भीड़ प्रबंधन के लिए पर्याप्त स्वयंसेवक तैनात करने को कहा गया है।

वीआईपी लोगों के लिए अलग प्रवेश द्वार बनाए गए हैं। पुलिस ने आयोजकों से आमंत्रित अतिथियों, स्वयंसेवकों और रैली में लोगों को लाने वाली बसों का विवरण उपलब्ध कराने को भी कहा है। बसों की पार्किंग और आवाजाही के लिए ट्रैफिक पुलिस के साथ समन्वय करने के निर्देश दिए गए हैं।

कई चौराहों पर ट्रैफिक डायवर्जन, अस्पतालों के लिए विशेष व्यवस्था

रैली के कारण दिल्ली के कई चौराहों पर यातायात डायवर्जन लागू किया जाएगा। हालांकि, अधिकारियों के मुताबिक, पैदल यात्रियों के रास्तों में बदलाव नहीं किया जाएगा।

LNJP अस्पताल और GB पंत अस्पताल जाने वाली एंबुलेंस तथा अन्य आपातकालीन वाहनों की आवाजाही निर्बाध रखने के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी। पुलिस ने आयोजकों से बसों की पार्किंग और यात्रियों की आवाजाही की जानकारी साझा करने को कहा है, ताकि यातायात व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव को नियंत्रित किया जा सके।

भाषणों और कानून-व्यवस्था पर भी रहेगी नजर

पुलिस ने आयोजकों को अनुशासन बनाए रखने और ऐसे भाषणों से बचने का निर्देश दिया है, जिनसे सांप्रदायिक सद्भाव प्रभावित होने की आशंका हो। सुरक्षा एजेंसियां रैली के दौरान कानून-व्यवस्था और भीड़ की गतिविधियों पर नजर रखेंगी।

दूसरी ओर, रामलीला मैदान के आसपास के व्यापारियों ने भारी भीड़ और यातायात प्रतिबंधों को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि दिवाली से ठीक पहले आवाजाही प्रभावित होने से कारोबार पर असर पड़ सकता है।

रैली से पहले सुरक्षा और यातायात की व्यापक तैयारी

INDIA गठबंधन की रैली को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा, निगरानी, प्रवेश-निकास, आपातकालीन सेवाओं और यातायात प्रबंधन के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों और CAPF की तैनाती के साथ CCTV निगरानी तथा जोन आधारित व्यवस्था लागू की गई है। रैली के दौरान भीड़ और यातायात की स्थिति के अनुसार पुलिस की कार्रवाई महत्वपूर्ण रहेगी।

written by Siddhi Srivastava

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