National News: मीम्स से मैदान तक कॉकरोच जनता पार्टी ने उतारे तीन नए प्रवक्ता, अब जमीनी आंदोलन की तैयारी

NEET पेपर लीक से लेकर शिक्षा व्यवस्था में सुधार तक, कॉकरोच जनता पार्टी ने जमीनी आंदोलन की तैयारी शुरू की; सौरभ दास, विजेता दहिया और आशुतोष रांका को बनाया नया चेहरा

National News: सोशल मीडिया पर मीम्स और डिजिटल कैंपेन के जरिए चर्चा में आई कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) अब एक नए चरण में प्रवेश करती दिख रही है। पार्टी ने अपने तीन नए राष्ट्रीय प्रवक्ताओं की घोषणा कर दी है और इसके साथ ही यह संकेत भी दे दिया है कि अब उसका फोकस केवल ऑनलाइन अभियान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जमीनी स्तर पर आंदोलन भी तेज किए जाएंगे।

दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी ने सौरभ दास, विजेता दहिया और आशुतोष रांका को अपने नए प्रवक्ताओं के रूप में पेश किया। यह तीनों चेहरे अपेक्षाकृत युवा हैं, लेकिन अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय और चर्चित रहे हैं।

कौन हैं सौरभ दास?

कॉकरोच जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता बनाए गए सौरभ दास पेशे से पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता हैं। वे लंबे समय से कानूनी, न्यायिक और सामाजिक मुद्दों पर लेखन और जनहित अभियानों से जुड़े रहे हैं।

सौरभ दास नवंबर 2025 में इंडिया गेट पर हुए प्रदूषण विरोधी आंदोलन में भी सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं। सूचना के अधिकार (RTI) और न्यायिक प्रक्रियाओं के माध्यम से कई सार्वजनिक मुद्दों को उठाने के कारण भी वे चर्चा में रहे हैं। कोविड-19 के दौरान आरोग्य सेतु ऐप से जुड़े सवालों को लेकर भी उनका नाम सुर्खियों में आया था।

मुख्य प्रवक्ता बनने के बाद सौरभ दास ने सोशल मीडिया पर कहा कि वे कॉकरोच जनता पार्टी के साथ जुड़कर शिक्षा, पारदर्शिता और जवाबदेही से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाना चाहते हैं।

विजेता दहिया कौन हैं?

हरियाणा से संबंध रखने वाले विजेता दहिया वर्तमान में मुंबई में रहते हैं। उन्होंने दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (DTU) से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है, लेकिन उनकी पहचान केवल एक इंजीनियर तक सीमित नहीं है।

विजेता दहिया लेखक, राजनीतिक शोधकर्ता और फिल्म निर्माता के रूप में भी जाने जाते हैं। वे लोकप्रिय यूट्यूबर ध्रुव राठी के साथ रिसर्चर और स्क्रिप्ट राइटर के तौर पर काम कर चुके हैं। Quora हिंदी पर उन्हें “बेस्ट राइटर” का सम्मान भी मिल चुका है।

उनकी चर्चित किताबों में Power of Universe और To Hell With That Job शामिल हैं। इसके अलावा उन्होंने हरियाणवी फिल्मों दरारें और ओपरी पराई का लेखन और निर्देशन भी किया है।

आशुतोष रांका का बैकग्राउंड क्या है?

तीसरे प्रवक्ता आशुतोष रांका का शैक्षणिक और पेशेवर सफर काफी प्रभावशाली माना जाता है। उन्होंने IIT कानपुर से बीटेक की डिग्री हासिल की और बाद में लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स (LSE) से पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर्स किया।

आशुतोष ने वैश्विक कंसल्टिंग कंपनी मैकिंसे में भी काम किया है। पिछले वर्ष वे लंदन से भारत लौटे और तब से सार्वजनिक नीति, शिक्षा सुधार, पर्यावरण और युवाओं से जुड़े अभियानों में सक्रिय हैं।

उन्होंने डोल बाढ़, आमायरा आत्महत्या मामला और NEET पेपर लीक जैसे मुद्दों पर लगातार आवाज उठाई है। CJP का मानना है कि आशुतोष का नीति निर्माण और प्रशासनिक समझ का अनुभव पार्टी को जमीनी आंदोलनों में मदद करेगा।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या बोले नए प्रवक्ता?

दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान तीनों प्रवक्ताओं ने NEET-UG और CBSE परीक्षा से जुड़े विवादों को प्रमुख मुद्दा बताया।

उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने 6 जून को प्रस्तावित शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए प्रशासन से अनुमति देने की भी मांग की।

6 जून को क्या करने जा रही है CJP?

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके 6 जून को अमेरिका से दिल्ली लौट रहे हैं। पार्टी का दावा है कि उनके आगमन के बाद शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा पेपर लीक, युवाओं के भविष्य और प्रशासनिक जवाबदेही जैसे मुद्दों पर अभियान तेज किया जाएगा।

पार्टी के अनुसार आने वाले दिनों में जंतर-मंतर समेत देश के विभिन्न हिस्सों में शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक कार्यक्रम आयोजित किए जा सकते हैं। हाल ही में सामाजिक कार्यकर्ता और पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक ने भी पार्टी के आंदोलन को समर्थन देने की बात कही थी, जिससे इस अभियान की चर्चा और बढ़ गई है।

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क्या मीम पार्टी से राजनीतिक आंदोलन बनने की ओर बढ़ रही है CJP?

कॉकरोच जनता पार्टी की शुरुआत सोशल मीडिया आधारित व्यंग्यात्मक और डिजिटल अभियान के रूप में हुई थी। लेकिन अब नए प्रवक्ताओं की नियुक्ति, प्रेस कॉन्फ्रेंस और जमीनी आंदोलनों की घोषणा से यह साफ संकेत मिल रहा है कि पार्टी खुद को एक संगठित जन आंदोलन के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रही है।

हालांकि आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने वाली यह पहल वास्तविक राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव पैदा कर पाती है या नहीं।

Written By: Ekta Verma

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