
JPSC Protest: JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर रांची में छात्रों का आंदोलन जारी है। शनिवार को झारखंड सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच दूसरे दौर की वार्ता हुई। करीब एक घंटे चली बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा हुई, लेकिन आंदोलन खत्म करने को लेकर अभी अंतिम फैसला नहीं हो सका।
चार मंत्रियों ने की छात्रों से बातचीत
सरकार की ओर से चार मंत्रियों ने छात्र प्रतिनिधियों से बातचीत की। वहीं, ‘जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थी न्याय मंच’ के आठ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने छात्रों की मांगें सरकार के सामने रखीं।
वार्ता के बाद मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि सरकार सभी हितधारकों और छात्र संगठनों से बातचीत जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि छात्रों की कई मांगें जायज हैं और उन्हें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के सामने रखा जाएगा।
मंत्री ने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री की ओर से इन मांगों पर सकारात्मक जवाब आएगा।
14वीं JPSC रद्द करने समेत कई मांगें
छात्रों ने सरकार के सामने 14वीं JPSC परीक्षा को तत्काल रद्द करने की मांग रखी है। इसके अलावा संदिग्ध परीक्षाओं की CID-SIT से 90 दिनों के भीतर जांच कराने और जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग भी की गई है।
छात्र परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता के साथ-साथ नियमित वार्षिक परीक्षा कैलेंडर जारी करने की भी मांग कर रहे हैं।
मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन
वार्ता को छात्रों ने सकारात्मक बताया, लेकिन साफ किया कि अभी आंदोलन खत्म नहीं होगा। छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस फैसला नहीं होता, तब तक जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में धरना जारी रहेगा।
वहीं, छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो पिछले छह दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। उनकी और धरने पर बैठे अन्य छात्रों की तबीयत बिगड़ने की बात भी सामने आई है। ऐसे में अब सभी की नजर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के फैसले पर टिकी है।



