
Chandauli News: जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग की अध्यक्षता में शुक्रवार शाम जिले की सभी गौशालाओं की व्यवस्थाओं को लेकर वर्चुअल समीक्षा बैठक हुई। जूम ऐप के माध्यम से आयोजित बैठक में मुख्य विकास अधिकारी आर जगत साई, खंड विकास अधिकारी, अधिशासी अधिकारी, पशु चिकित्साधिकारी, ग्राम प्रधान, सचिव और गौशालाओं के संचालन से जुड़ी स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल हुए।
लाइव कैमरे से देखी गौशालाओं की व्यवस्था
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने लाइव कैमरे के माध्यम से गौशालाओं की व्यवस्थाओं का सीधे निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि संरक्षित गोवंश के भरण-पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
डीएम ने गौशालाओं में गोवंश का उचित वर्गीकरण करने और बीमार पशुओं के उपचार के लिए अलग ‘सिक रूम’ तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने चरही और पानी की व्यवस्था को दुरुस्त रखने के साथ नांद में भूसे के साथ नियमित रूप से हरा चारा उपलब्ध कराने को कहा।
नेपियर घास और सहजन लगाने के निर्देश
गोवंश के लिए हरे चारे की उपलब्धता बनाए रखने के उद्देश्य से गौशाला परिसरों में नेपियर घास और सहजन के पौधे लगाने को कहा गया। साथ ही गोबर का बेहतर उपयोग कर गौशालाओं की आय बढ़ाने के लिए वर्मी कंपोस्ट तैयार करने की गतिविधियों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए।
बारिश को देखते हुए शेड की मरम्मत के आदेश
बारिश के मौसम को देखते हुए जिलाधिकारी ने गौशालाओं के शेड की आवश्यक मरम्मत कराने और परिसर में जलभराव रोकने के लिए प्रभावी इंतजाम करने को कहा। उन्होंने संबंधित पशु चिकित्सा अधिकारियों को नियमित रूप से गोवंश का स्वास्थ्य परीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा खुरपका-मुंहपका (FMD) बीमारी से बचाव के लिए शत-प्रतिशत टीकाकरण कराने और टीकाकरण से संबंधित डाटा तत्काल पोर्टल पर अपलोड करने को कहा गया।
एक सप्ताह में व्यवस्थाएं सुधारने की मोहलत
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों और संस्थाओं को अधूरे कार्यों को पूरा करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया है। उन्होंने साफ कहा कि अगली समीक्षा बैठक तक गौशालाओं में सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त मिलनी चाहिए। किसी भी तरह की कमी पाए जाने पर संबंधित की जिम्मेदारी तय की जाएगी।



