Maharashtra Politics : शिवसेना के बागी 6 सांसदों को मिली Y-Plus सुरक्षा, पार्टी टूटने बड़ी वजह आई सामने

Maharashtra Politics : महाराष्ट्र में शिवसेना (UBT) के छह सांसदों की बगावत खुलकर सामने आई। कांग्रेस में संभावित विलय की आशंका के बीच बागी सांसदों को Y-Plus सुरक्षा दी गई, जबकि संजय राउत ने कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी।

Maharashtra Politics : महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा सियासी संकट खड़ा हो गया है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) यानी शिवसेना (UBT) में बगावत खुलकर सामने आ गई है। पार्टी के छह सांसदों ने नेतृत्व से दूरी बना ली है और दावा किया जा रहा है कि कांग्रेस के साथ संभावित विलय की आशंका ने इस विद्रोह को जन्म दिया है। इस बीच महाराष्ट्र सरकार ने छह बागी सांसदों की सुरक्षा बढ़ाते हुए उन्हें Y-Plus श्रेणी की सुरक्षा उपलब्ध कराई है।

यह घटनाक्रम पिछले चार वर्षों में महाराष्ट्र की राजनीति में तीसरी बड़ी टूट माना जा रहा है। इससे पहले 2022 में शिवसेना और 2023 में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) में भी बड़ी राजनीतिक फूट हो चुकी है।

संसदीय दल की बैठक से छह सांसद रहे गायब

गुरुवार को नई दिल्ली में आयोजित शिवसेना (UBT) संसदीय दल की बैठक में पार्टी के नौ लोकसभा सांसदों में से केवल तीन सांसद अरविंद सावंत, अनिल देसाई और राजाभाऊ वाजे ही शामिल हुए। बाकी छह सांसद बैठक से अनुपस्थित रहे।

बताया जा रहा है कि इन सांसदों ने एक अलग समूह के रूप में मान्यता हासिल करने के लिए हस्ताक्षर किए हैं और आगे चलकर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के साथ विलय की तैयारी कर रहे हैं।

कांग्रेस में विलय की आशंका बनी बगावत की वजह

शिंदे गुट के नेताओं का दावा है कि शिवसेना (UBT) के कई सांसदों को आशंका थी कि पार्टी धीरे-धीरे कांग्रेस के साथ विलय की दिशा में बढ़ रही है।

शिवसेना सांसद नरेश म्हस्के ने आरोप लगाया कि सांसद कई बार उद्धव ठाकरे से मुलाकात करना चाहते थे, लेकिन उन्हें समय नहीं दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि सांसदों को लगने लगा था कि पार्टी की राजनीतिक दिशा बदल रही है।

म्हस्के ने संजय राउत पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह “कांग्रेस के एजेंट” की तरह काम कर रहे हैं और पार्टी की रणनीति को प्रभावित कर रहे हैं। बागी सांसदों का कहना है कि वे कांग्रेस में विलय के बजाय शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के साथ जाना चाहते हैं।

संजय राउत का पलटवार, कहा- गद्दारों पर होगी कार्रवाई

संसदीय दल की बैठक के बाद राज्यसभा सांसद संजय राउत ने बागी सांसदों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने बैठक से गैरहाजिर सांसदों को “गद्दार”, “बेईमान” और “धोखेबाज़” बताते हुए कहा कि पार्टी व्हिप का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

राउत ने कहा कि सभी सांसद पार्टी के चुनाव चिह्न पर जीतकर आए हैं और दलबदल कानून के तहत उनके खिलाफ अयोग्यता की कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि बागी सांसदों के निर्वाचन क्षेत्रों में जनता उनके विरोध में सड़कों पर उतर रही है।

छह बागी सांसदों को मिली Y-Plus सुरक्षा

बढ़ते राजनीतिक तनाव के बीच महाराष्ट्र इंटेलिजेंस विभाग ने छह बागी सांसदों संजय दीना पाटिल, नागेश पाटिल अष्टिकर, ओम राजे निंबालकर, भाऊसाहेब वाकचौरे, संजय देशमुख और संजय जाधव को Y-Plus श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की है।

राज्य इंटेलिजेंस विभाग के अनुसार संभावित सुरक्षा खतरे को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। स्थानीय पुलिस अधिकारियों को परिस्थितियों के अनुसार सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने या घटाने के निर्देश भी दिए गए हैं।

राउत बोले- हिम्मत है तो बिना सुरक्षा के घूमें

बागी सांसदों को सुरक्षा दिए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए संजय राउत ने कहा कि यदि बागी नेताओं और शिंदे गुट में हिम्मत है तो उन्हें बिना सुरक्षा के जनता के बीच जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और शिंदे गुट ने महाराष्ट्र की राजनीति को अस्थिर करने का काम किया है।

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