Pratapgarh House Collapse: प्रतापगढ़ में दर्दनाक हादसा: जर्जर मकान ढहा, एक ही परिवार के 6 लोगों की मौत, मासूम बच्चों समेत पूरा घर उजड़ा

रात दो बजे महुली गांव में भरभराकर गिरा जर्जर मकान, 10 माह और 1 साल के दो मासूम भी मलबे में दबे; डीएम और एसपी ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्यों का लिया जायजा।

Pratapgarh House Collapse: उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले से गुरुवार तड़के दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। कोतवाली नगर थाना क्षेत्र के महुली गांव में एक जर्जर मकान अचानक भरभराकर गिर गया, जिससे एक ही परिवार के छह लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे में दो मासूम बच्चों की भी जान चली गई। इस हादसे के बाद पूरे गांव में मातम पसर गया और हर आंख नम हो गई।

जानकारी के अनुसार, गुरुवार (6 अगस्त) की रात करीब दो बजे प्रमोद श्रीवास्तव का पुराना और जर्जर मकान अचानक ढह गया। उस समय पूरा परिवार घर के अंदर सो रहा था। तेज धमाके की आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही कोतवाली नगर पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों की मदद से कई घंटों तक मलबा हटाने का अभियान चलाया गया।

इस भीषण हादसे में 60 वर्षीय प्रमोद श्रीवास्तव, उनकी पत्नी 55 वर्षीय रीता, 25 वर्षीय पुत्र नितिन, 23 वर्षीय बहू माधुरी, एक वर्षीय मासूम माधव और महज 10 माह के अद्विक उर्फ बाबू की मलबे में दबने से मौत हो गई। परिवार का 28 वर्षीय सदस्य अमन किसी तरह बाहर निकलने में सफल रहा, जिससे उसकी जान बच गई।

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हादसे की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी अभिषेक पाण्डेय और पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने राहत एवं बचाव कार्यों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को पीड़ित परिवार को हरसंभव शासकीय सहायता तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही राहत कार्यों में किसी तरह की लापरवाही न बरतने और सभी आवश्यक विधिक कार्रवाई संवेदनशीलता के साथ पूरी करने को कहा।

पुलिस ने सभी शवों को पंचायतनामा की कार्रवाई पूरी करने के बाद पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है। प्रशासन ने बताया कि घटनास्थल पर स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।

यह हादसा एक बार फिर जर्जर भवनों की अनदेखी के गंभीर परिणामों की ओर इशारा करता है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते ऐसे मकानों का सर्वे कर उचित कार्रवाई की जाए तो भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सकता है। फिलहाल महुली गांव में मातम का माहौल है और पूरा क्षेत्र इस त्रासदी से स्तब्ध है।

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