
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित डिप्लोमा इंजीनियर्स भवन में ग्राम विकास अधिकारी एसोसिएशन उत्तर प्रदेश की प्रदेश स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए पदाधिकारियों और ग्राम विकास अधिकारियों ने हिस्सा लिया तथा विभागीय समस्याओं और लंबित मांगों पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक के दौरान ग्राम विकास अधिकारियों ने अनियमित स्थानांतरण की प्रक्रिया पर चिंता व्यक्त करते हुए इसे पारदर्शी और नियमबद्ध बनाए जाने की मांग उठाई। इसके साथ ही लंबे समय से लंबित पदोन्नति मामलों के शीघ्र निस्तारण की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।
पदाधिकारियों ने कहा कि प्रदेश में ग्राम विकास अधिकारियों के स्वीकृत पदों की संख्या बढ़ाए जाने की जरूरत है, ताकि ग्रामीण विकास योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके। बैठक में गृह जनपद में तैनाती की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। अधिकारियों का कहना था कि गृह जनपद में तैनाती मिलने से कार्य क्षमता और जनसंपर्क दोनों में सुधार होगा।
इसके अलावा बैठक में अन्य विभागों के कार्यों का अतिरिक्त दबाव ग्राम विकास अधिकारियों पर डाले जाने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि मूल विभागीय कार्यों के साथ अतिरिक्त जिम्मेदारियां दिए जाने से कार्य प्रभावित हो रहे हैं और अधिकारियों पर अनावश्यक बोझ बढ़ रहा है।

बैठक में उपस्थित पदाधिकारियों ने सरकार से ग्राम विकास अधिकारियों की समस्याओं के समाधान के लिए सकारात्मक पहल करने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि उनकी जायज मांगों पर समय रहते विचार नहीं किया गया तो संगठन आगे की रणनीति तय करने के लिए बाध्य होगा।
प्रदेश स्तरीय बैठक में संगठन की मजबूती, कर्मचारियों के हितों की रक्षा और ग्रामीण विकास व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया।



