
Varanasi News-वाराणसी में आयोजित नारी वंदन सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्षी दलों पर तीखा निशाना साधते हुए कहा कि कुछ परिवारवादी दल नारी शक्ति से भयभीत हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष नहीं चाहता कि महिलाएं विधानसभा और संसद तक पहुंचे, क्योंकि उन्हें डर है कि महिलाओं की बढ़ती भागीदारी से उनकी पारंपरिक राजनीति खत्म हो जाएगी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी और एनडीए की सोच “नारी शक्ति का सम्मान” और “नागरिक देवो भव:” की भावना पर आधारित है। उन्होंने महिलाओं से देश को विकसित भारत बनाने के अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का आह्वान किया।
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि देश में लंबे समय तक महिलाएं उपेक्षित रहीं और कई बार उनसे राय लिए बिना निर्णय थोप दिए जाते थे। उन्होंने कहा कि यह स्थिति केवल काशी ही नहीं, बल्कि देश के अधिकांश हिस्सों में बहन-बेटियों ने झेली है।
प्रधानमंत्री ने बताया कि गुजरात के मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देने का संकल्प लिया और कई योजनाएं शुरू कीं, ताकि ज्यादा से ज्यादा लड़कियां स्कूल पहुंच सकें। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में देश की माताओं-बहनों ने उन्हें सेवा का अवसर दिया, जिसके बाद भारत तेजी से विकास के रास्ते पर आगे बढ़ा।
पीएम मोदी ने काशी और अयोध्या के बीच बढ़ती कनेक्टिविटी का जिक्र करते हुए कहा कि काशी से पुणे और अयोध्या से मुंबई के लिए शुरू की गई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों से आम जनता को बड़ा लाभ मिलेगा। इससे महाराष्ट्र के लोगों को काशी विश्वनाथ धाम और अयोध्या आने के लिए आधुनिक और सुविधाजनक विकल्प मिलेगा।
उन्होंने कहा कि भारत के विकास में नारी शक्ति की भूमिका सबसे अहम है और सरकार महिला सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही उन्होंने महिला आरक्षण लागू करने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत “हर-हर महादेव” के उद्घोष के साथ की और काशी की आध्यात्मिक महत्ता का उल्लेख करते हुए कहा कि यह नगरी मां गंगा, माता अन्नपूर्णा, माता विशालाक्षी और श्रृंगार गौरी की पावन भूमि है। उन्होंने कहा कि बहनों का यह विशाल समागम कार्यक्रम को और भी दिव्य बना रहा है।
इस दौरान प्रधानमंत्री ने हजारों करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया, जिससे क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी।
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