2017 फिदायीन हमले के आरोपी पर NIA की बड़ी कार्रवाई, जैश आतंकी के संपत्तियां जब्त

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने 2017 में पुलवामा के लेथपोरा स्थित सीआरपीएफ कैंप पर हुए फिदायीन हमले से जुड़े मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के एक सहयोगी की संपत्तियां जब्त कर ली हैं। यह कदम आतंकवादी नेटवर्क पर शिकंजा कसने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

एनआईए के मुताबिक, जब्त की गई संपत्तियां पुलवामा जिले के अवंतीपोरा थाना क्षेत्र के लेथपोरा इलाके में स्थित हैं और इनका संबंध फैयाज अहमद मग्रे से है। एजेंसी ने इन्हें आतंकवाद से अर्जित संपत्ति मानते हुए गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की धारा 33(1) के तहत अटैच किया है। यह कार्रवाई जम्मू स्थित एनआईए की विशेष अदालत के आदेश के बाद की गई है।

यह मामला 30 दिसंबर 2017 को हुए उस फिदायीन हमले से जुड़ा है, जिसमें आतंकियों ने सीआरपीएफ कैंप में घुसकर हमला किया था। इस हमले में पांच जवान शहीद हो गए थे, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हुए थे। सुरक्षाबलों की जवाबी कार्रवाई में सभी हमलावर मारे गए थे।

जांच के दौरान सामने आया कि फैयाज अहमद मग्रे दक्षिण कश्मीर में जैश-ए-मोहम्मद का सक्रिय ओवर ग्राउंड वर्कर (OGW) था और हमले की साजिश में उसकी अहम भूमिका थी। उसने हमले से पहले आतंकियों के साथ बैठकें की थीं और टारगेट की रेकी भी की थी। इसके अलावा, उसने एक हमलावर मुदासिर अहमद खान के लिए हथियारों की व्यवस्था करने और उसे भागने में मदद करने का भी काम किया था।

एनआईए की जांच में इस हमले से जुड़े दो अन्य आतंकियों—नूर मोहम्मद तंत्रे और मुदासिर अहमद खान—की भी पहचान हुई थी। नूर मोहम्मद तंत्रे हमले से पहले ही सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मारा गया था, जबकि मुदासिर को बाद में एक अन्य ऑपरेशन में ढेर कर दिया गया।

फैयाज अहमद मग्रे को फरवरी 2019 में गिरफ्तार किया गया था और उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता और यूएपीए की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज है। इस केस की सुनवाई अभी जारी है।

एनआईए की यह कार्रवाई आतंकियों के आर्थिक नेटवर्क को कमजोर करने की रणनीति का हिस्सा है। एजेंसी का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई से आतंकवादी संगठनों की क्षमता पर असर पड़ेगा और जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा सकेगा।

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