
Global Economy: मध्य पूर्व की राजनीति और वैश्विक अर्थव्यवस्था के बीच एक नया तनाव उभरता दिख रहा है। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाले संयुक्त राज्य अमेरिका से युद्ध से जुड़े खर्च को लेकर बड़ी मांग रखी है। बताया जा रहा है कि यदि अमेरिका इस खर्च का बोझ उठाने को तैयार नहीं होता, तो UAE डॉलर की जगह चीनी मुद्रा युआन को अपनाने पर विचार कर सकता है।
सूत्रों के मुताबिक, UAE का मानना है कि क्षेत्रीय संघर्षों और सैन्य अभियानों में अमेरिका की भूमिका अहम रही है, ऐसे में आर्थिक जिम्मेदारी भी उसी की होनी चाहिए। इस मुद्दे को लेकर दोनों देशों के बीच कूटनीतिक स्तर पर बातचीत तेज हो गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि UAE वास्तव में डॉलर से दूरी बनाकर युआन को प्राथमिकता देता है, तो इसका असर वैश्विक मुद्रा बाजार पर पड़ सकता है। लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय व्यापार में डॉलर का दबदबा रहा है, लेकिन हाल के वर्षों में कई देश वैकल्पिक मुद्राओं की ओर रुख करने की कोशिश कर रहे हैं।
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यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब वैश्विक स्तर पर आर्थिक और राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। विश्लेषकों का मानना है कि यदि इस तरह की चेतावनियां आगे बढ़ती हैं, तो इससे अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के बीच आर्थिक और रणनीतिक संबंधों पर भी असर पड़ सकता है।
फिलहाल, दोनों पक्षों के बीच बातचीत जारी है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर कोई बड़ा फैसला सामने आ सकता है, जिस पर दुनिया की नजर बनी हुई है।
Written By: Kalpana Pandey



