
International Trade: दुनिया में ईरान को आमतौर पर तेल और गैस के बड़े निर्यातक के रूप में जाना जाता है, लेकिन हाल के वर्षों में इस देश ने डेयरी सेक्टर में भी अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है। खास तौर पर स्किम्ड मिल्क पाउडर (एसएमपी) के उत्पादन और निर्यात में तेज बढ़त के कारण ईरान वैश्विक खाद्य बाजार में अहम खिलाड़ी बनकर उभरा है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान हर साल बड़ी मात्रा में कच्चे दूध का प्रसंस्करण कर उसे स्किम्ड मिल्क पाउडर में बदलता है। कम फैट और लंबे समय तक सुरक्षित रखने की क्षमता के कारण यह उत्पाद फूड प्रोसेसिंग और बेकरी इंडस्ट्री के लिए काफी उपयोगी माना जाता है। यही वजह है कि मिडिल ईस्ट और दक्षिण एशिया के कई देशों में इसकी मांग लगातार बढ़ रही है।
अनुमानों के मुताबिक, वर्ष 2025 में ईरान ने करीब 1.8 लाख टन स्किम्ड मिल्क पाउडर का निर्यात किया, जो पिछले वर्षों की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि दर्शाता है। इस तेज विस्तार के चलते ईरान वैश्विक स्तर पर इस उत्पाद का चौथा सबसे बड़ा निर्यातक बन चुका है। वर्तमान में यूरोपीय संघ, न्यूजीलैंड और अमेरिका इस सूची में उससे आगे हैं।
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ईरान के प्रमुख आयातकों में पाकिस्तान, इराक, संयुक्त अरब अमीरात और अफगानिस्तान जैसे देश शामिल हैं। इन देशों में डेयरी उत्पादों और बेकरी आइटम्स की मांग अधिक होने के कारण ईरानी स्किम्ड मिल्क पाउडर वहां के खाद्य उद्योग के लिए महत्वपूर्ण कच्चा माल बन गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर आपूर्ति में बाधा आती है, तो इन बाजारों पर सीधा असर पड़ सकता है।
इस बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्किम्ड मिल्क पाउडर की कीमतों में भी तेजी देखने को मिली है। ऊर्जा लागत और सप्लाई चेन से जुड़े कारकों के चलते डेयरी सेक्टर में आने वाले समय में और उतार-चढ़ाव की संभावना जताई जा रही है।
Written By: Kalpana Pandey



