Sonbhadra News-‘दिशा’ बैठक पर सियासी संग्राम: समीक्षा बैठक से राज्यमंत्री व दो भाजपा विधायक नदारद

Sonbhadra News-विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र वाले देश में राजनीतिक प्रतिद्धिता इस कदर बढ़ गयी है कि जनकल्याणकारी योजनाओ की समीक्षा (दिशा) बैठक से योगी सरकार के समाज कल्याण राज्यमंत्री व भाजपा के दो विधायक इसलिए नही आये की इसकी अध्यक्षता समाजवादी पार्टी के सांसद को करना था। यह पूरा राजनीतिक मामला सोनभद्र जिला का है। शनिवार को जिला कलेक्ट्रेट के सभागार में आयोजित जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की अहम बैठक उस समय राजनीतिक चर्चा का केंद्र बन गई, जब जिले के तीनों भाजपा विधायक बैठक से नदारद रहे। यह बैठक छोटेलाल खरवार (सपा सांसद) की अध्यक्षता में आयोजित की गई थी, जिसमें केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न विकास योजनाओं की समीक्षा की जानी थी।

बैठक में डॉ अनिल कुमार मौर्या (घोरावल विधानसभा-400), भूपेश चौबे (रॉबर्ट्सगंज विधानसभा-401) और संजीव कुमार गोंड (ओबरा विधानसभा-402 व समाज कल्याण राज्यमंत्री) अनुपस्थित रहे। तीनों विधायकों की गैरमौजूदगी ने राजनीतिक हलकों में कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

दिशा की बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में सांसद छोटेलाल खरवार ने कहा कि दिशा समिति की बैठक जनता के बीच चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा के लिए होती है, जिसमें केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की प्रगति पर चर्चा की जाती है। उन्होंने बताया कि कई योजनाओं में कमियां सामने आयी हैं और अधिकारियों ने उन्हें दुरुस्त करने के लिए समय मांगा है।

हालांकि, भाजपा विधायकों की अनुपस्थिति को लेकर पूछे गए सवाल पर समाजवादी पार्टी के सांसद छोटेलाल खरवार ने तीखा राजनीतिक बयान देते हुए कहा कि
जनता के काम के लिए हम हमेशा मौजूद रहते हैं, लेकिन भाजपा के विधायकों को जनता, किसान और नौजवानों की समस्याओं से कोई मतलब नहीं है।

राजनीतिक हालको में चर्चा है कि यह मामला सिर्फ अनुपस्थिति का नहीं बल्कि राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता का संकेत भी हो सकता है। दरअसल दिशा समिति की बैठक की अध्यक्षता सांसद करते हैं, और इस बार बैठक की अध्यक्षता सपा सांसद के पास थी। ऐसे में भाजपा विधायकों का एक साथ बैठक से दूर रहना स्थानीय राजनीति में बढ़ती खींचतान और नेतृत्व को लेकर असहजता की ओर इशारा माना जा रहा है।

Read Also-टी20 विश्व कप: भारत-इंग्लैंड सेमीफाइनल बना टी20 इतिहास का सबसे ज्यादा स्ट्रीम किया गया मैच

बरहाल दिशा की बैठक में सूबे के समाज कल्याण राज्यमंत्री व दो विधायको की अनुपस्थिति यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता अब सरकारी विकास समीक्षा बैठकों को भी प्रभावित करने लगी है?यदि जनप्रतिनिधि ही विकास योजनाओं की समीक्षा से दूरी बनाएंगे, तो इसका असर सीधे जनता और विकास कार्यों पर पड़ सकता है।

रिपोर्ट :- रवि पाण्डेय
सोनभद्र

Show More

Related Articles

Back to top button