
Pratapgarh News: थाना कोतवाली नगर पुलिस और स्वाट टीम की संयुक्त कार्रवाई में 12 वर्ष पूर्व अभिरक्षा से फरार हुए एक लाख रुपये के इनामी अभियुक्त भानु प्रताप दुबे उर्फ महराज उर्फ विक्की को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी को थाना लालगंज क्षेत्र के धधुआ गाजन नहर पटरी के पास से पकड़ा गया।
पुलिस अधीक्षक प्रतापगढ़ दीपक भूकर के निर्देशन में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत यह सफलता मिली। अभियान की निगरानी अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी आलोक कुमार तथा सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी नगर प्रशांत राज द्वारा की जा रही थी।
गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान भानु प्रताप दुबे उर्फ महराज उर्फ विक्की (40 वर्ष) पुत्र राम विशाल दुबे निवासी ग्राम संगीयापुर, थाना लालगंज, जनपद प्रतापगढ़ के रूप में हुई है। वह वर्ष 2014 में पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गया था और तभी से वांछित चल रहा था।
यक्ष एप और तकनीकी निगरानी से मिला सुराग
पुलिस अधीक्षक प्रतापगढ़ के नेतृत्व में यक्ष एप के माध्यम से लापता अपराधियों के सत्यापन का अभियान लगातार चलाया जा रहा था। इसी दौरान बीट पुलिसकर्मियों द्वारा एकत्र की गई सूचनाओं और तकनीकी निगरानी से पता चला कि फरार अभियुक्त गुजरात में छिपकर रह रहा है।
इसके बाद पुलिस ने सूचना तंत्र और आधुनिक तकनीकी संसाधनों का उपयोग कर आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखी और आखिरकार उसे गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।
गुजरात में बदली पहचान, बनवाए फर्जी दस्तावेज
पुलिस के अनुसार वर्ष 2014 में फरार होने के बाद भानु प्रताप दुबे कुछ समय तक मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में छिपता रहा। बाद में उसने गुजरात के सूरत में अपना ठिकाना बना लिया।
वहां उसने फर्जी पहचान के साथ राशन कार्ड और वोटर आईडी कार्ड बनवाए। दस्तावेजों में उसने अपना नाम दुबे विक्की रामविलास दर्ज कराया और किमावती कॉम्प्लेक्स, सूरत का पता इस्तेमाल किया। आरोपी ट्रक चालक के रूप में काम करने लगा था। वर्ष 2020 में उसने एक सहयोगी की मदद से फर्रुखाबाद के पते पर ड्राइविंग लाइसेंस भी बनवा लिया था।
कई संगीन मामलों में दर्ज हैं मुकदमे
भानु प्रताप दुबे के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, रंगदारी, गैंगस्टर एक्ट और आर्म्स एक्ट समेत कुल 19 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। उसके खिलाफ प्रतापगढ़ के विभिन्न थानों में कई गंभीर मामले दर्ज हैं, जिसके चलते उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
संयुक्त टीम ने की गिरफ्तारी
गिरफ्तारी करने वाली टीम में स्वाट टीम प्रभारी उपनिरीक्षक अमित कुमार चौरसिया, उपनिरीक्षक विजेंद्र सिंह, हेड कांस्टेबल विजय, हेड कांस्टेबल भानू सिंह, कांस्टेबल मुकेश पटेल, जागीर, अरविंद दुबे तथा मुख्य आरक्षी सनोज़ कुमार शामिल रहे।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस अधीक्षक प्रतापगढ़ दीपक भूकर ने बताया कि फरार और इनामी अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा तथा कानून से बचने की कोशिश करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
रिपोर्ट: उमेश पाण्डेय, जिला संवाददाता, यूनाइटेड भारत



