
Mahua Moitra on Dharmendra Pradhan: राष्ट्रीय राजधानी में NEET परीक्षा विवाद और छात्रों के आंदोलन के बीच सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर तीखा हमला बोलते हुए उनके इस्तीफे की मांग का समर्थन किया। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर भी तंज कसते हुए विवादित टिप्पणी की।
महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा कि, “हो सकता है शिक्षा मंत्री को इस्तीफा लिखना नहीं आता हो… RSS आपको सिर्फ माफीनामा लिखना सिखाता है।” उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा का विषय बन गया।
छात्र आंदोलन के समर्थन में TMC
तृणमूल कांग्रेस उन विपक्षी दलों में शामिल है जिन्होंने छात्रों के आंदोलन का खुलकर समर्थन किया है। पार्टी की सांसद महुआ मोइत्रा और सागरिका घोष जंतर-मंतर पहुंचकर प्रदर्शनकारी छात्रों के प्रति एकजुटता जताई। वहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी आंदोलनकारी सोनम वांगचुक से फोन पर बातचीत कर समर्थन व्यक्त किया।
राहुल गांधी ने भी साधा सरकार पर निशाना
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि छात्रों पर बल प्रयोग स्वीकार्य नहीं है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस मुद्दे पर माफी मांगनी चाहिए।
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राहुल गांधी ने संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि छात्र शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग कर रहे हैं, जो पूरी तरह जायज है। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे को संसद के भीतर और बाहर लगातार उठाता रहेगा।
लोकसभा अध्यक्ष से की चर्चा की मांग
राहुल गांधी ने विपक्षी दलों के नेताओं के साथ लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर छात्रों से जुड़े मुद्दे पर सदन में चर्चा कराने की मांग की। उन्होंने बताया कि लोकसभा अध्यक्ष ने इस विषय पर सरकार से विचार-विमर्श करने की बात कही है।
कांग्रेस सांसद ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े इस गंभीर मामले में जवाबदेही तय होनी चाहिए। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के लिए गृह मंत्रालय की भूमिका पर भी सवाल उठते हैं।
NEET विवाद और छात्र आंदोलन को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव लगातार तेज होता जा रहा है। संसद के मानसून सत्र में भी इस मुद्दे पर जोरदार बहस और हंगामे के आसार हैं।



