cooking oil price: त्योहारों से पहले बढ़ सकती है रसोई का खर्च, खाद्य तेल के दाम फिर चढ़ने के संकेत

cooking oil price: पाम, सोयाबीन और सूरजमुखी तेल की बढ़ती आयात लागत का असर जल्द बाजार में दिख सकता है।

cooking oil price: त्योहारी सीजन नजदीक आते ही आम लोगों की जेब पर एक और बोझ बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। पहले से ही प्याज, चीनी और अन्य जरूरी खाद्य वस्तुओं की बढ़ती कीमतों से लोग परेशान हैं। अब खबर है कि खाने-पीने में इस्तेमाल होने वाले खाद्य तेलों के दाम भी जल्द बढ़ सकते हैं।

बाजार से जुड़े जानकारों का कहना है कि आने वाले हफ्तों में कंपनियां खाद्य तेलों की कीमतों में 7 से 8 प्रतिशत तक बढ़ोतरी कर सकती हैं। यदि ऐसा होता है तो छठ पूजा, दशहरा और दीवाली जैसे बड़े त्योहारों के दौरान रसोई का बजट और प्रभावित हो सकता है।

मार्च के बाद तीसरी बार बढ़ सकते हैं दाम

खाद्य तेलों की कीमतों में यह संभावित बढ़ोतरी मार्च के बाद तीसरा बड़ा इजाफा हो सकता है। इससे पहले दो चरणों में कंपनियां 5 से 6 प्रतिशत तक दाम बढ़ा चुकी हैं। मार्च से जून के बीच कीमतों में कुल 10 से 12 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी।

अब यदि 7 से 8 प्रतिशत की नई बढ़ोतरी होती है तो मार्च से अब तक खाद्य तेलों के दाम करीब 18 से 20 प्रतिशत तक बढ़ सकते हैं। इसका सीधा असर घरेलू उपभोक्ताओं पर पड़ने की संभावना है।

आयात लागत बढ़ने से बढ़ा दबाव

भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है। देश में इस्तेमाल होने वाले खाद्य तेल का लगभग 58 प्रतिशत हिस्सा आयात पर निर्भर है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव का असर सीधे भारतीय बाजार पर दिखाई देता है।

हाल के दिनों में कच्चे पाम ऑयल, सोयाबीन ऑयल और सूरजमुखी तेल की वैश्विक कीमतों में वृद्धि दर्ज की गई है। इसके साथ ही डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी, बढ़ा हुआ परिवहन खर्च और ऊंचे बीमा शुल्क ने आयात लागत को और बढ़ा दिया है।

कंपनियों के सामने बढ़ी चुनौती

उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि कच्चे खाद्य तेल की लैंडेड कॉस्ट में 8 से 11 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में कई कंपनियों के लिए अतिरिक्त लागत को खुद वहन करना मुश्किल हो सकता है।

इसी वजह से खाद्य तेल बनाने और बेचने वाली कंपनियां आने वाले समय में कीमतों में संशोधन कर सकती हैं। यदि ऐसा होता है तो सरसों तेल, सोयाबीन तेल, सूरजमुखी तेल और पाम ऑयल से जुड़े कई उत्पाद महंगे हो सकते हैं।

त्योहारों के दौरान बढ़ सकती है मांग

दशहरा, छठ पूजा और दीवाली के दौरान मिठाइयों, नमकीन और अन्य खाद्य उत्पादों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में खाद्य तेल की खपत भी सामान्य दिनों की तुलना में अधिक रहती है।

यही कारण है कि कीमतों में संभावित बढ़ोतरी का असर सीधे आम परिवारों के मासिक बजट पर पड़ सकता है। फिलहाल बाजार और उपभोक्ता दोनों की नजर इस बात पर टिकी है कि कंपनियां अगले कुछ हफ्तों में कीमतों को लेकर क्या फैसला लेती हैं।

written by Siddhi Srivastava
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