
International News: बांग्लादेश में राजनीतिक अस्थिरता के बीच एक बार फिर हिंसा की बड़ी घटना सामने आई है। राजधानी ढाका के पास स्थित सावर इलाके में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के विरोध में निकाली गई छात्र रैली के दौरान जोरदार बम धमाका हो गया। धमाका उस वक्त हुआ, जब नवगठित नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP) की जनसभा चल रही थी। इस विस्फोट में कम से कम तीन लोग घायल हो गए, जबकि कार्यक्रम स्थल पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी और भगदड़ का माहौल बन गया।
भाषण के दौरान हुआ धमाका
जानकारी के मुताबिक, यह घटना सोमवार रात करीब 9:45 बजे सावर थाना स्टैंड के पास स्थित ईदगाह मैदान में हुई। NCP की ओर से ‘जुलाई मार्च’ का आयोजन किया गया था। मार्च समाप्त होने के बाद जनसभा चल रही थी और ढाका जिला NCP की संयोजक नबीला तस्नीद मंच से लोगों को संबोधित कर रही थीं। इसी दौरान मंच के नजदीक अचानक जोरदार विस्फोट हुआ।
धमाके के समय पार्टी के संस्थापक और सांसद नाहिद इस्लाम, सदस्य सचिव अख्तर हुसैन, उत्तरी क्षेत्र के मुख्य आयोजक सरजिस आलम सहित कई वरिष्ठ छात्र नेता मंच पर मौजूद थे। विस्फोट के बाद लोगों में दहशत फैल गई और कार्यक्रम स्थल पर भगदड़ मच गई।
तीन लोग घायल, अस्पताल में भर्ती
बम धमाके में तीन लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई है। घायलों की पहचान मोहम्मद शाहीन खंडाकर (30), मोहम्मद जासिम (26) और मोहम्मद शहादत हुसैन (40) के रूप में हुई है। सभी को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी है और विस्फोट के कारणों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
‘जुलाई क्रांति’ की बरसी पर निकाला गया था मार्च
यह रैली बांग्लादेश में शेख हसीना सरकार के खिलाफ हुए छात्र आंदोलन, जिसे ‘जुलाई क्रांति’ कहा जाता है, उसकी दूसरी बरसी के अवसर पर आयोजित की गई थी। NCP ने देशभर में ‘जुलाई मार्च’ अभियान की शुरुआत की थी।
रैली के दौरान छात्र नेताओं ने जनमत संग्रह लागू करने, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने, बिजली संकट का स्थायी समाधान निकालने और बढ़ती महंगाई पर नियंत्रण जैसी मांगें उठाईं।
भारत में हैं शेख हसीना
गौरतलब है कि 5 अगस्त 2024 को देश छोड़ने के बाद से बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना भारत में रह रही हैं। बांग्लादेश की नई सरकार उनकी वापसी और प्रत्यर्पण की मांग कर चुकी है।
इस मामले पर भारत के विदेश मंत्रालय ने पहले स्पष्ट किया था कि बांग्लादेश की ओर से मिले औपचारिक अनुरोध की समीक्षा स्थापित कानूनी और न्यायिक प्रक्रिया के तहत की जा रही है। भारत का ध्यान दोनों देशों के संबंधों को स्थिर बनाए रखने और क्षेत्र में शांति कायम रखने पर है।
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राजनीतिक माहौल पर बढ़ी चिंता
छात्र रैली में हुए इस धमाके ने बांग्लादेश की सुरक्षा व्यवस्था और मौजूदा राजनीतिक हालात पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस कार्यक्रम का उद्देश्य लोकतांत्रिक मांगों को लेकर आवाज उठाना था, वह कुछ ही पलों में दहशत और अफरा-तफरी में बदल गया। अब सभी की नजर जांच एजेंसियों की रिपोर्ट पर है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि इस विस्फोट के पीछे कौन जिम्मेदार था और क्या यह किसी सुनियोजित साजिश का हिस्सा था।



